सियासी जीत का सांस्कृतिक जश्न : बंगाल में भाजपा की विजय पर सराफा एसोसिएशन ने शहर में घोली उत्सव की मिठास और तीखापन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। पश्चिम बंगाल के चुनावी रण में भारतीय जनता पार्टी की शानदार फतह का जश्न बिलासपुर में कुछ इस तरह मनाया गया कि हर राहगीर ठिठक कर देखने लगा। छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने इस ऐतिहासिक अवसर को खास बनाने के लिए राजनीति और संस्कृति का अनूठा संगम पेश किया। बंगाल की जीत की खुशी में कमल सोनी खुद ‘झालमुड़ी वाले’ के गेटअप और अंदाज़ में नज़र आए और अपने हाथों से लोगों को झालमुड़ी बांटकर जीत का जश्न मनाया।

झालमुड़ी के साथ दी जीत की बधाई
आमतौर पर गंभीर चर्चाओं और व्यापारिक बैठकों में व्यस्त रहने वाले कमल सोनी का यह अंदाज़ शहरवासियों के लिए कौतूहल और खुशी का विषय रहा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों के बीच पहुँचकर न केवल खुशियाँ बांटीं, बल्कि बंगाल की मशहूर ‘झालमुड़ी’ को इस जीत के प्रतीक के रूप में परोसा। यह आयोजन पूरी तरह से विजय के उत्साह और बंगाल की जनता के प्रति साधुवाद को समर्पित था।
राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन जी के मार्गदर्शन और सौरभ सिंह जी के नेतृत्व में हमारे साथी पिछले डेढ़ महीने से बंगाल चुनाव में पसीना बहा रहे थे। आज जब वहाँ की जनता ने विकास पर मुहर लगाई है, तो हमने उसी माटी के स्वाद के साथ यहाँ खुशियाँ साझा करने का निर्णय लिया।
— कमल सोनी, प्रदेशाध्यक्ष, छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन
जीत के पीछे बिलासपुर का पसीना
कमल सोनी ने इस मौके पर उन कार्यकर्ताओं की मेहनत को याद किया जो लगातार बंगाल के मोर्चे पर डटे हुए थे। उन्होंने कहा:
- संगठित प्रयास: बिलासपुर सराफा एसोसिएशन के कुछ जांबाज कार्यकर्ता पिछले डेढ़ महीने से लगातार बंगाल में चुनावी प्रबंधन और प्रचार में जुटे थे।
- जनता का साधुवाद: उन्होंने बंगाल की जनता का आभार जताते हुए इसे प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और भाजपा की नीतियों की जीत बताया।
- बढ़ता प्रभाव: सोनी ने विश्वास जताया कि यह जीत देशभर में पार्टी के बढ़ते और सुदृढ़ होते प्रभाव का जीवंत प्रमाण है।
शहर में बना उत्सव का माहौल
इस अनूठे सेलिब्रेशन के दौरान सराफा बाज़ार और आसपास के क्षेत्रों में भारी संख्या में लोग एकत्रित हुए। लोगों ने कमल सोनी के इस सरल अंदाज़ की सराहना की और एक-दूसरे को बधाई देते हुए झालमुड़ी का लुत्फ उठाया। ढोल-नगाड़ों के बजाय इस ‘ज़ायकेदार’ जश्न ने पूरे शहर में एक अलग सकारात्मक चर्चा छेड़ दी है।
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