लंबी दूरी, आर्थिक बोझ और समय की बर्बादी से परेशान ग्रामीण; कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ |खड़गवां विकासखंड के हजारों नागरिकों को अब छोटी-मोटी रजिस्ट्री और राजस्व संबंधी कार्यों के लिए बार-बार मनेंद्रगढ़ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे—यदि जिला प्रशासन जनहित की इस उठती आवाज पर मुहर लगा दे। जिला कांग्रेस कमेटी मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने कलेक्टर को पत्र सौंपकर खड़गवां में तत्काल उप पंजीयक (रजिस्ट्री) कार्यालय प्रारंभ करने की पुरजोर मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भौगोलिक दृष्टि से विशाल और घनी आबादी वाले खड़गवां क्षेत्र में रजिस्ट्री दफ्तर का न होना प्रशासनिक सुलभता के दावों पर सवालिया निशान खड़ा करता है।

आम जनता पर दोहरी मार: समय भी बर्बाद, जेब भी ढीली
अशोक श्रीवास्तव ने अपने पत्र में रेखांकित किया कि खड़गवां क्षेत्र से प्रतिदिन सैकड़ों किसान, मजदूर, व्यापारी, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक भूमि, मकान व अचल संपत्तियों की रजिस्ट्री के लिए मनेंद्रगढ़ आते हैं।
- परिवहन का अतिरिक्त बोझ: लंबी दूरी तय करने के कारण ग्रामीणों पर अनावश्यक आर्थिक दबाव पड़ता है।
- समय की बर्बादी: एक दिन में काम न होने या दस्तावेजी खामियों के चलते लोगों को कई-कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं।
- वरिष्ठ नागरिकों व महिलाओं को परेशानी: दूर-दराज के ग्रामीण अंचलों से आने वाले बुजुर्गों के लिए यह सफर काफी कष्टदायक साबित हो रहा है।
डिजिटल और सुगम प्रशासन के दावों की कसौटी
“शासन का मूल ध्येय प्रशासनिक सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाना है। जब हम डिजिटल और सुगम प्रशासन की बात कर रहे हैं, तो खड़गवां जैसे बड़े विकासखंड को बुनियादी राजस्व सेवाओं के लिए दूसरे शहर पर निर्भर रखना कतई न्यायसंगत नहीं है।”
— अशोक श्रीवास्तव (अध्यक्ष, जिला कांग्रेस कमेटी)
कार्यालय खुलने से क्या होंगे बड़े फायदे ?
- प्रशासनिक कार्यों में तेजी: मनेंद्रगढ़ कार्यालय पर दबाव कम होगा और खड़गवां में काम तेज़ी से निपटेंगे।
- राजस्व सेवाओं में सुगमता: स्थानीय स्तर पर दस्तावेज पंजीकरण होने से राजस्व संग्रह और अधिक पारदर्शी व प्रभावी होगा।
- क्षेत्रीय विकास को रफ्तार: स्थानीय स्तर पर रजिस्ट्री सुविधा मिलने से व्यापारिक और अचल संपत्ति की गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
“यह राजनीति नहीं, जन-अधिकार का मुद्दा है”
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह माँग किसी राजनीतिक दल विशेष की नहीं, बल्कि खड़गवां क्षेत्र की आम जनता की सुविधा, अधिकार और भावनाओं से जुड़ी हुई है। उन्होंने विश्वास जताया कि जिला प्रशासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए इस प्रस्ताव को शासन तक पहुंचाएगा और शीघ्र सकारात्मक पहल करेगा।
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