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सोनहत नरसंहार : 9 हत्यारे तो सलाखों के पीछे पहुंचे, पर शांत नहीं हुआ आक्रोश, अब ‘बुलडोजर न्याय’ के लिए अड़ा क्षत्रिय समाज !

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अवैध ठिकानों को जमींदोज करने और फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की उठी मांग, क्षत्रिय समाज ने कहा- ‘सिर्फ गिरफ्तारी काफी नहीं, अपराधियों पर हो कड़ी कार्रवाई

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बैकुंठपुर/मनेन्द्रगढ़। कोरिया जिले के ग्राम नौगई में हुए जघन्य तिहरे हत्याकांड में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सभी 9 मुख्य आरोपियों को भले ही गिरफ्तार कर लिया है, लेकिन क्षत्रिय समाज का गुस्सा अभी शांत नहीं हुआ है। अखिल भारतीय क्षत्रिय समाज महासभा (मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर) ने अब अपनी अगली रणनीति साफ कर दी है। समाज का कहना है कि मानवता को शर्मसार करने वाले इस जघन्य कांड के अपराधियों को जब तक उनके किए की पूरी सजा नहीं मिल जाती, तब तक न्याय अधूरा है।

प्रशासन को सौंपा अल्टीमेटम: समाज की 3 बड़ी और गैर-समझौतावादी मांगें

​महासभा द्वारा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय, कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए आधिकारिक दस्तावेज के आधार पर समाज ने अब इन प्रमुख मांगों पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित कर दिया है:

  • 1. अवैध ठिकानों पर तुरंत चले बुलडोजर: समाज की सबसे बड़ी मांग है कि इस दिल दहला देने वाले कांड में शामिल त्रिपाठी परिवार और उनके सह-अभियुक्तों के जितने भी अवैध निवास, कब्जे और ठिकाने हैं, उन्हें तत्काल प्रशासनिक बुलडोजर चलाकर जमींदोज किया जाए। अपराधियों में कानून का खौफ पैदा करने के लिए यह कार्रवाई अति आवश्यक हो चुकी है।
  • 2. फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सुनवाई, मिले फांसी की सजा: इस अमानवीय कृत्य को ‘दुर्लभ से दुर्लभतम’ मामला मानते हुए समाज ने मांग की है कि केस की विवेचना में एक दिन का भी विलंब न हो। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराकर हत्यारों को सीधे फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाए।
  • 3. विवेचना में लापरवाही पर उग्र आंदोलन की चेतावनी: समाज ने साफ लहजे में चेतावनी दी है कि यदि पुलिस जांच या कानूनी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर ढिलाई, लापरवाही या किसी राजनीतिक दबाव के कारण अपराधियों को बचाने का प्रयास किया गया, तो पूरे देश का क्षत्रिय समाज पीड़ित परिवार के साथ मिलकर उग्र और व्यापक आंदोलन शुरू करेगा।

गाड़ी में जिंदा जलाने की उस हैवानियत को नहीं भूला समाज

​दस्तावेज़ों के मुताबिक, 16 जून 2026 की रात को रेत विवाद और राजनीतिक दुर्भावना के चलते अपराधियों ने अमानवीयता की सारी हदें पार कर दी थीं। पीड़ितों को जाल में फंसाकर पहले उनके वाहन को टक्कर मारी गई और फिर घायल अवस्था में ही उन्हें फॉर्च्यूनर कार के अंदर पेट्रोल डालकर जिंदा फूंक दिया गया, जिसमें श्री भरत सिंह उर्फ लल्ला सहित 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। इस क्रूर नरसंहार को लेकर समाज के भीतर गहरा जख्म और आक्रोश है, जिसे केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से शांत नहीं किया जा सकता।

कोरिया और एमसीबी के दिग्गज नेताओं ने भरी हुंकार

​न्याय की इस मुहिम को आगे बढ़ाने और समाज की इन मांगों को मजबूती से सरकार के सामने रखने के लिए दोनों जिलों का नेतृत्व एक जाजम पर आ गया है। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ और प्रबुद्ध जन—राजेंद्र सिंह दद्दा, संजय सेंगर, सूरजभान सिंह, एस पी सिंह, महेंद्र प्रताप सिंह, डॉक्टर सौरभ सिंह और राजेश सिंह समेत कोरिया और मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिले के समाज के सैकड़ों पदाधिकारी मुस्तैद रहे।

महासभा का कड़ा संदेश:

“गिरफ्तारी तो पुलिस की रूटीन प्रक्रिया का हिस्सा है। हमारा मकसद सिर्फ जेल भेजना नहीं, बल्कि इस क्रूर मानसिकता का समूल नाश करना है। जब तक अपराधियों के अवैध साम्राज्य पर बुलडोजर नहीं चलेगा और पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय नहीं मिलेगा, क्षत्रिय समाज चैन से नहीं बैठेगा।”

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