छत्तीसगढ़ को बिहार नहीं बनने देंगे : भाजपा मंत्री ने अपनी ही पार्टी की सरकार को घेरे में लिया, पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने दागे तीखे सवाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/मनेंद्रगढ़ । कोरिया जिले के सोनहत (नौगई) में हुए सनसनीखेज तिहरे हत्याकांड के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में एक बेहद अजीबोगरीब और विरोधाभासी मोड़ आ गया है। अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की बात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार के भाजपा मंत्री गजेंद्र यादव एक ऐसा बयान दे बैठे, जिसने खुद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को ही कटघरे में खड़ा कर दिया है।
एक तरफ मंत्री जी ने दावा किया कि बिहार में भाजपा की सरकार है, और दूसरी ही सांस में वे यह कह गए कि “छत्तीसगढ़ को हम किसी भी सूरत में बिहार नहीं बनने देंगे।” मंत्री के इस बयान को लपकते हुए पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया पर तीखा हमला बोला है और पूछा है कि जब बिहार में भाजपा की ही सरकार है, तो मंत्री जी किस ‘गुंडाराज’ का हवाला दे रहे हैं?
बयान का वो हिस्सा जिसने बढ़ाई भाजपा की मुश्किलें:
सोनहत हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके मकानों को जमींदोज करने की चेतावनी देते हुए मंत्री गजेंद्र यादव ने मीडिया के सामने कहा:
“बिहार में भाजपा की सरकार है। भाजपा के सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री हैं और वे मीडिया से बातचीत करते हुए यह कह रहे हैं कि छत्तीसगढ़ को हम किसी भी सूरत में बिहार नहीं बनने देंगे। बिहार तो अब बहुत डेवलप हो गया है। मतलब गुंडागर्दी हम करने नहीं देंगे।”
क्यों फंसा पेंच ?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि मंत्री जी ने एक तीर से अपनी ही पार्टी के दो राज्यों पर सवाल उठा दिए। पहला, उन्होंने बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को ‘मुख्यमंत्री’ बता दिया, और दूसरा, छत्तीसगढ़ की तुलना बिहार के उस अतीत से कर दी जिसे खुद भाजपा ‘गुंडाराज’ कहकर विपक्षी दलों पर निशाना साधती रही है। अब जब बिहार में एनडीए (भाजपा गठबंधन) की सरकार है, तो मंत्री का यह बयान खुद उनकी ही पार्टी की साख पर भारी पड़ रहा है।
गुलाब कमरो का तंज: “दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपना बदहाल विभाग संभालिए”
इस विरोधाभासी बयान पर पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने सोशल मीडिया के जरिए मंत्री को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मंत्री के बयान को ‘सुर्खियां बटोरने का खोखला ड्रामा’ करार देते हुए सीधे सवाल दागे:
- बिहार के बहाने अपनी नाकामी छुपाने की कोशिश: कमरो ने कहा कि सोनहत में तीन लोगों की बेरहमी से हत्या हो गई, राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह वेंटिलेटर पर है, लेकिन मंत्री जी इस पर ठोस काम करने के बजाय बिहार की दुहाई देकर ज्ञान बांट रहे हैं।
- शिक्षा विभाग खुद बदहाल: कमरो ने निशाना साधते हुए लिखा— “मंत्री जी, दूसरों को ज्ञान देने से पहले अपना विभाग तो संभालिए!” उन्होंने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ के स्कूलों में बिना किताबों और बिना यूनिफॉर्म के ही ‘शाला प्रवेश उत्सव’ का खोखला ड्रामा रचा जा रहा है। बच्चों के पास बुनियादी सुविधाएं नहीं हैं और शिक्षा मंत्री राजनीतिक बयानबाजी में व्यस्त हैं।
एक बयान, कई सियासी सवाल
मंत्री गजेंद्र यादव के इस ‘एक्सक्लूसिव’ बयान ने विपक्षी कांग्रेस को बैठे-बिठाए एक बड़ा मुद्दा दे दिया है। छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में अब यह सवाल गूंज रहा है कि:
- अगर बिहार में भाजपा की सरकार आने के बाद वहां विकास हुआ है, तो मंत्री जी छत्तीसगढ़ को ‘बिहार’ क्यों नहीं बनने देना चाहते?
- क्या इस बयान के जरिए उन्होंने अनजाने में बिहार की कानून व्यवस्था को छत्तीसगढ़ से बदतर मान लिया है?
फिलहाल, सोनहत हत्याकांड के खौफ के बीच शुरू हुआ यह ‘बिहार बनाम छत्तीसगढ़’ का सियासी ड्रामा थमने का नाम नहीं ले रहा है।
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