आरोपियों ने टेके घुटने : 4 आरोपी पहले ही सलाखों के पीछे थे, आज निशांत-मनोज समेत 4 ने किया आत्मसमर्पण; 1 अब भी फरार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़ । छत्तीसगढ़ को दहला देने वाले कोरिया जिले के ‘नौगई तिहरे हत्याकांड’ रोंगटे खड़े कर देने वाले इस नरसंहार के मुख्य किरदारों को आखिरकार घुटने टेकने ही पड़े। 16 जून की रात बीजेपी नेता समेत तीन बेगुनाहों को कार में पेट्रोल डालकर जिंदा फूंकने वाले इस जघन्य मामले में आज सबसे बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस के बढ़ते दबाव और चौतरफा नाकेबंदी के आगे बेबस होकर आज 4 और मुख्य आरोपियों ने आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया है।

इस केस की बड़ी तस्वीर यह है कि खौफनाक वारदात के तुरंत बाद मुस्तैद कोरिया पुलिस ने पहले ही 4 आरोपियों को दबोचकर जेल भेज दिया था। वहीं आज 4 और आरोपियों के सरेंडर करने के बाद अब तक कुल 8 नरपिशाच सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं। इस खूनी खेल का सिर्फ 1 आरोपी अब भी फरार है, जिसकी उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है।
आज कानून के शिकंजे में आए आरोपी (सरेंडर लिस्ट):
आज जिन आरोपियों ने खाकी के खौफ से सरेंडर किया, उनमें त्रिपाठी गुट के मुख्य चेहरे शामिल हैं:
- मनोज त्रिपाठी
- अमन त्रिपाठी
- आशुतोष त्रिपाठी
- निशांत त्रिपाठी
सियासत, रंजिश और वो ‘काली रात’
यह सिर्फ एक तिहरा हत्याकांड नहीं है, बल्कि अपनों की ही अपनों के हाथों बेरहमी से की गई ‘सुपारी किलिंग’ जैसी वारदात है। इस पूरे मामले ने प्रदेश की सियासत में भूचाल इसलिए ला दिया है, क्योंकि पकड़े गए आरोपी और मारे गए लोग… दोनों ही सत्ताधारी दल भाजपा (BJP) से जुड़े हुए हैं।
नरसंहार की खौफनाक दास्तान:
16 जून की रात नौगई के सन्नाटे को चीखने-चिल्लाने की आवाजों ने चीर दिया था। आपसी रंजिश और वर्चस्व की सनक में चूर आरोपियों ने एक कार को घेरा, जिसमें भाजपा नेता सहित तीन लोग सवार थे। आरोपियों ने कार का दरवाजा बाहर से लॉक कर उस पर पेट्रोल उड़ेला और माचिस मार दी। देखते ही देखते कार धूं-धूं कर जल उठी और अंदर सवार तीनों लोग जिंदा कंकाल बन गए।
अब रिमांड पर ‘थर्ड डिग्री’ की तैयारी, खुलेगा हर राज!
आज सरेंडर करने वाले मनोज, अमन, आशुतोष और निशांत त्रिपाठी को पुलिस कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लेने की तैयारी में है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि इन आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी ताकि इस बात का खुलासा हो सके कि इस खौफनाक नरसंहार की स्क्रिप्ट आखिरकार कहाँ और किसने लिखी थी? वहीं, फरार चल रहे आखिरी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की स्पेशल टीमें संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
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