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पॉलिटिकल बिग ब्रेकिंग: नीट घोटाले पर प्रदर्शन, कांग्रेस-NSUI के शीर्ष नेतृत्व पर FIR, विधायक देवेंद्र यादव, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के खिलाफ एफआईआर

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बड़ा एक्शन: कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान हुए उपद्रव पर बिलासपुर पुलिस सख्त; सिविल लाइन थाने में बलवा, चक्काजाम और शासकीय कार्य में बाधा डालने का मुकदमा दर्ज, गरमाई सियासत

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। देशव्यापी नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर न्यायधानी बिलासपुर की सड़कों पर हुआ छात्र आंदोलन अब एक बड़े राजनीतिक और कानूनी दंगल में तब्दील हो चुका है। कलेक्ट्रेट घेराव के दौरान उग्र प्रदर्शन और पुलिस के साथ हुई तीखी झड़प के मामले में प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। बिलासपुर के सिविल लाइन थाने में कांग्रेस के कद्दावर विधायक देवेंद्र यादव, NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय समेत संगठन के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ बलवा (दंगा भड़काने की कोशिश) और आम रास्ता अवरुद्ध करने जैसी गंभीर धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।

​इस हाई-प्रोफाइल कानूनी कार्रवाई के बाद छत्तीसगढ़ के सियासी गलियारों में हड़कंप मच गया है।

रणक्षेत्र बनीं बिलासपुर की सड़कें, बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ी भीड़

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, नीट परीक्षा में हुई कथित धांधली के विरोध में NSUI ने बिलासपुर में एक विशाल आक्रोश प्रदर्शन का आह्वान किया था। राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय की मौजूदगी में हजारों कार्यकर्ताओं का हुजूम कलेक्ट्रेट का घेराव करने निकला।

  • बैरिकेड्स पर टकराव: पुलिस ने कलेक्ट्रेट की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए थे, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने सुरक्षा घेरे को तोड़ दिया। आरोप है कि नेताओं की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ झूमाझटकी की और कलेक्ट्रेट परिसर में घुसने का प्रयास किया।
  • पुलिस का बल प्रयोग: स्थिति को अनियंत्रित होता देख और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को प्रदर्शनकारियों पर हल्के बल का प्रयोग (लाठीचार्ज) करना पड़ा, जिसके बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई थी।

FIR की जद में आए ये बड़े चेहरे:

​प्रशासन ने इस पूरे उपद्रव के लिए आंदोलन की कमान संभाल रहे मुख्य रणनीतिकारों को जिम्मेदार ठहराया है। पुलिस डायरी में दर्ज मुख्य नाम इस प्रकार हैं:

  1. देवेंद्र यादव (विधायक, कांग्रेस) – भीड़ को नेतृत्व देने और शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप।
  2. विनोद जाखड़ (राष्ट्रीय अध्यक्ष, NSUI) – आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने और भीड़ को उकसाने का आरोप।
  3. नीरज पांडेय (प्रदेश अध्यक्ष, NSUI) – बिना अनुमति उग्र प्रदर्शन और चक्काजाम का आरोप।
  4. सिद्धांशु मिश्रा (जिला शहर अध्यक्ष, बिलासपुर) – स्थानीय स्तर पर उपद्रव और अशांति फैलाने का आरोप।

सियासी गलियारों में खलबली: अब आर-पार की जंग!

​एक साथ राष्ट्रीय स्तर के अध्यक्ष, स्थानीय विधायक और प्रदेश अध्यक्ष पर मुकदमा दर्ज कर बिलासपुर पुलिस ने साफ संदेश दे दिया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सिविल लाइन पुलिस अब मौके के वीडियो फुटेज और ड्रोन कैमरों की जांच कर रही है ताकि अन्य उपद्रवियों की भी शिनाख्त की जा सके। वहीं दूसरी ओर, इस कार्रवाई के बाद कांग्रेस और NSUI इसे ‘विपक्ष की आवाज दबाने वाली दमनकारी नीति’ बताकर सरकार के खिलाफ बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार कर रही है।

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