शिक्षा जगत में सम्मान की गूंज: लेगेसी और आधुनिकता का होगा संगम, मंत्री ने तकनीकी शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/रायगढ़। छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार प्रदेश में शिक्षा के बुनियादी ढांचे को न केवल आधुनिक बना रही है, बल्कि राज्य के गौरवशाली इतिहास और दानदाताओं के योगदान को भी अक्षुण्ण रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी कड़ी में प्रदेश के वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने एक बेहद सराहनीय और संवेदनशील पहल की है। उन्होंने रायगढ़ स्थित नवनिर्मित ‘छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ (CIT) का नाम बदलकर ‘सेठ किरोड़ीमल छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ करने का प्रस्ताव रखा है।

क्यों खास है यह फैसला ?
रायगढ़ की पहचान और वहां की विकास गाथा में सेठ किरोड़ीमल जी का नाम स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। वर्तमान में जिस स्थान पर ‘छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी’ को अपग्रेड कर शुरू किया गया है, वह मूल रूप से ‘सेठ किरोड़ीमल शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज’ था। जनभावनाओं और सेठ किरोड़ीमल जी के ऐतिहासिक सामाजिक योगदान को देखते हुए मंत्री ओ.पी. चौधरी ने यह कदम उठाया है।
मंत्री ओ.पी. चौधरी का दमदार विजन
विकास का अर्थ केवल नई इमारतों का निर्माण नहीं, बल्कि अपनी जड़ों और उन महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना भी है जिन्होंने समाज की नींव रखी। सेठ किरोड़ीमल जी का योगदान रायगढ़ के अस्तित्व का हिस्सा है। हम चाहते हैं कि प्रदेश का यह प्रतिष्ठित संस्थान आधुनिक तकनीक के साथ-साथ हमारी ऐतिहासिक विरासत का नाम भी पूरी दुनिया में रोशन करे।
ओपी चौधरी वित्त मंत्री छत्तीसगढ़
आगे की प्रक्रिया
मंत्री ओ.पी. चौधरी ने तकनीकी शिक्षा मंत्री गुरु खुशवंत साहेब को आधिकारिक पत्र लिखकर इस संबंध में आवश्यक कार्यवाही करने का अनुरोध किया है। उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही शासन स्तर पर मुहर लगने के बाद इस संस्थान को नया और गौरवशाली नाम मिल जाएगा।
यह कदम न केवल रायगढ़ वासियों के लिए गर्व का विषय है, बल्कि यह दर्शाता है कि सरकार आधुनिक शिक्षा (CIT) और पुरानी लेगेसी (सेठ किरोड़ीमल) के बीच एक बेहतरीन संतुलन बनाकर चल रही है।







