लोकसभा से राज्यसभा तक छत्तीसगढ़ की ‘आधी आबादी’ का दबदबा, 5 में से 3 राज्यसभा और 11 में से 3 लोकसभा सीटों पर महिला राज
रविकांत सिंह राजपूत। नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ केवल धान का कटोरा ही नहीं, अब ‘महिला नेतृत्व’ का गढ़ भी बनता जा रहा है। विधानसभा से लेकर दिल्ली की संसद तक, छत्तीसगढ़ की बेटियों ने यह साबित कर दिया है कि वे केवल मतदाता नहीं, बल्कि नीति-निर्धारक भी हैं। राज्यसभा की दोनों सीटों पर महिलाओं का नामांकन इसी बदलाव की सबसे बड़ी गवाही है।
छत्तीसगढ़ की राजनीति में आज एक नया इतिहास रचा गया है। प्रदेश में रिक्त हुई राज्यसभा की दो सीटों के लिए आज सत्ताधारी भाजपा और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस, दोनों ने ही महिला प्रत्याशियों पर दांव खेलकर एक सशक्त संदेश दिया है। भाजपा की ओर से अनुभवी लक्ष्मी वर्मा और कांग्रेस की ओर से आदिवासी नेत्री फूलोदेवी नेताम ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। संख्या बल के आधार पर दोनों का निर्विरोध चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है। यह छत्तीसगढ़ के इतिहास में पहला अवसर है जब एक साथ दोनों प्रमुख दलों ने महिला उम्मीदवारों को उच्च सदन (राज्यसभा) भेजने का निर्णय लिया है।
जातीय समीकरण और अनुभव का संगम
- लक्ष्मी वर्मा (भाजपा): कुर्मी समाज से आने वाली लक्ष्मी वर्मा भाजपा की वरिष्ठ नेता हैं। उनका नामांकन पिछड़ा वर्ग (OBC) और नारी शक्ति के प्रति भाजपा की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
- फूलोदेवी नेताम (कांग्रेस): बस्तर के आदिवासी समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाली फूलोदेवी नेताम को कांग्रेस ने दोबारा मौका दिया है। वे वर्तमान में भी राज्यसभा सांसद हैं और उनकी सक्रियता को देखते हुए आलाकमान ने उन पर फिर से भरोसा जताया है।
संसदीय आंकड़ों में छत्तीसगढ़ की ‘आधी आबादी’ का दबदबा
राज्यसभा और लोकसभा दोनों ही सदनों में छत्तीसगढ़ की महिला सांसदों का प्रतिनिधित्व अब देश के कई बड़े राज्यों के मुकाबले कहीं अधिक मजबूत स्थिति में है।
1. राज्यसभा: 5 में से 3 सीटें महिलाओं के नाम (60%)
छत्तीसगढ़ के कोटे से राज्यसभा की कुल 5 सीटें हैं। रंजीता रंजन (कांग्रेस) पहले से ही सदन में मौजूद हैं। अब लक्ष्मी वर्मा और फूलोदेवी नेताम के चुने जाने के बाद, कुल 3 महिला सांसद राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगी।



- राज्यसभा में महिला प्रतिशत: 60%
2. लोकसभा: 11 में से 3 सीटें महिलाओं के पास (27%)
हालिया लोकसभा चुनावों के बाद छत्तीसगढ़ की 11 सीटों में से 3 पर महिलाओं ने जीत दर्ज की है:
- ज्योत्सना चरणदास महंत (कांग्रेस – कोरबा)
- कमलेश जांगड़े (भाजपा – जांजगीर चांपा)
- रूपकुमारी चौधरी (भाजपा – महासमुंद)
- लोकसभा में महिला प्रतिशत: 27.27%
3. कुल संसदीय प्रतिनिधित्व (Total Representation)
यदि छत्तीसगढ़ की कुल 16 संसदीय सीटों (11 लोकसभा + 5 राज्यसभा) को देखें, तो अब कुल 6 महिला सांसद छत्तीसगढ़ की आवाज दिल्ली में बुलंद करेंगी।
- कुल प्रतिशत: 37.5%




