“हेल्दी माइन्स” की गूंज : SECL की मेजबानी में देशभर के 250 दिग्गज डॉक्टर जुटेंगे न्यायधानी में
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर|खनन क्षेत्र में कार्य करने वाले ‘ब्लैक डायमंड हीरोज’ की सेहत को और भी फौलादी बनाने के इरादे से न्यायधानी बिलासपुर में चिकित्सा जगत का एक बड़ा समागम होने जा रहा है। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) की मेजबानी में कल, 28 फरवरी से तीन दिवसीय राष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन ‘सीमेकॉन (CIMECON) 2026’ का भव्य शंखनाद होगा।
‘हेल्दी माइन्स, हेल्दी नेशन’ (स्वस्थ खदानें, स्वस्थ राष्ट्र) की थीम पर आधारित इस सम्मेलन में कोल इंडिया की सभी अनुषंगी कंपनियों सहित देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों के 250 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक शिरकत करेंगे। 2 मार्च तक चलने वाले इस महामंथन का मुख्य उद्देश्य खनन क्षेत्रों में कार्यरत कर्मियों के लिए एक अभेद्य स्वास्थ्य सुरक्षा चक्र तैयार करना है।
चिकित्सा विज्ञान और नवाचार का अनूठा संगम
सीमेकॉन 2026 केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों और माइनिंग हेल्थ के बीच समन्वय का एक बड़ा मंच बनेगा। कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:
- विशेषज्ञ व्याख्यान: देश के नामी डॉक्टर व्यावसायिक रोगों (Occupational Diseases), औद्योगिक स्वास्थ्य और इमरजेंसी मेडिकल मैनेजमेंट जैसे संवेदनशील विषयों पर अपनी राय रखेंगे।
- शोध पत्रों का प्रदर्शन: कोल इंडिया के विभिन्न क्षेत्रों से आए चिकित्सक अपने फील्ड अनुभवों और स्वास्थ्य नवाचारों पर शोध पत्र (Research Papers) प्रस्तुत करेंगे।
- मानसिक स्वास्थ्य पर जोर: पहली बार खनन क्षेत्रों में बदलती जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) की चुनौतियों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण
एसईसीएल द्वारा आयोजित यह राष्ट्रीय आयोजन न केवल छत्तीसगढ़ के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह कोयला उद्योग में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को नई दिशा देने की एक क्रांतिकारी पहल है। सम्मेलन के माध्यम से देश भर के चिकित्सा नेटवर्क के बीच ज्ञान का आदान-प्रदान होगा, जिसका सीधा लाभ खदानों में काम करने वाले हजारों







