बिलासपुर पुलिस की ‘हाईटेक पुलिसिंग’ और ‘बीट सिस्टम’ का कमाल: छुट्टी पर रहते हुए भी SSP रजनेश सिंह ने मिर्जापुर तक बिछाया जाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर/मिर्जापुर: छत्तीसगढ़ के न्यायधानी बिलासपुर में हुई अब तक की सबसे बड़ी सराफा लूट का पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में पटाक्षेप कर दिया है। राजकिशोर नगर में सराफा कारोबारी संतोष तिवारी से हुई ₹3.35 करोड़ की सनसनीखेज लूट के तार उत्तर प्रदेश से जुड़े निकले। बिलासपुर पुलिस की 10 विशेष टीमों ने ‘Get-Set-Go’ मोड में काम करते हुए आरोपियों को यूपी के मिर्जापुर में घेर लिया। एक संक्षिप्त मुठभेड़ (शॉर्ट एनकाउंटर) के बाद पुलिस ने चार आरोपियों को दबोचने में सफलता हासिल की है।
ताबड़तोड़ एक्शन: जब गूंजी गोलियां और थमे लुटेरों के कदम
वारदात को अंजाम देकर भाग रहे आरोपियों का पीछा करते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस जब उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर पहुंची, तो वहां स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद गिरोह के अन्य सदस्यों के हौसले पस्त हो गए और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया।
जांच की रीढ़ बना ‘बीट सिस्टम’ और ‘डिजिटल सर्विलांस’
इस केस को सुलझाने में बिलासपुर पुलिस की दोहरी रणनीति ने गेम-चेंजर की भूमिका निभाई:
- ग्राउंड नेटवर्क: बीट स्तर के पुलिसकर्मियों ने उरतुम के पास लावारिस मिली कार और स्थानीय इनपुट के जरिए आरोपियों के रूट को ट्रैक किया।
- हाईटेक टूल: टॉवर डंप डेटा का विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की माइनिंग और नेफिस (NAFIS) सर्वर से फिंगरप्रिंट मिलान ने आरोपियों की पहचान पुख्ता की।
चोरी की गाड़ियों से बुना गया था साजिश का जाल
पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि लुटेरों ने पूरी प्लानिंग के साथ चोरी के वाहनों का इस्तेमाल किया था:



- नगर सैनिक की बाइक: लूट में इस्तेमाल बाइक 13 फरवरी को मैनपाट से चोरी की गई थी, जो अंबिकापुर के एक नगर सैनिक के नाम दर्ज थी।
- अकलतरा की वैन: वारदात से एक दिन पहले ही अकलतरा से एक सफेद ईको वैन चुराई गई थी।
- स्कॉर्पियो से पीछा: आरोपी लगातार स्कॉर्पियो से कारोबारी की रेकी कर रहे थे।
कमांड सेंटर से दूर रहकर भी ‘ऑन ड्यूटी’ रहे SSP
इस पूरे ऑपरेशन की सबसे बड़ी खासियत एसएसपी रजनेश सिंह की मॉनिटरिंग रही। छुट्टी पर होने के बावजूद उन्होंने कमान अपने हाथ में रखी। उनकी ‘रिजल्ट ओरिएंटेड’ कार्यशैली और आईजी स्तर के बेहतर समन्वय का नतीजा रहा कि पुलिस की 10 टीमों ने बिना थके अंतरराज्यीय ऑपरेशन को अंजाम दिया।
”बिलासपुर पुलिस का संदेश साफ है: अपराध की प्लानिंग कितनी भी शातिर क्यों न हो, हाईटेक पुलिसिंग और मुस्तैद बीट सिस्टम के आगे अपराधी का बचना नामुमकिन है।”
अब क्या होगा आगे ?
मिर्जापुर पुलिस के साथ संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद, बिलासपुर पुलिस आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर छत्तीसगढ़ लेकर आएगी। लूटे गए करोड़ों के सोने और नकदी की रिकवरी के लिए आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी।
बिलासपुर पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई ने अपराधियों के बीच खौफ और जनता के बीच सुरक्षा का भरोसा पैदा किया है।




