पूर्व विधायक गुलाब कमरो के मार्गदर्शन और ब्लॉक अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह के नेतृत्व में विशाल आमसभा, नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत
नई पहल न्यूज नेटवर्क। जनकपुर। भरतपुर-सोनहत विधानसभा के जनकपुर में आज कांग्रेस ने अपनी एकजुटता और आक्रामक तेवर दिखाते हुए ‘मनरेगा बचाओ’ अभियान के तहत विशाल रैली और आमसभा का आयोजन किया। पूर्व विधायक गुलाब कमरो के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम का नेतृत्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अंकुर प्रताप सिंह ने किया। रैली के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जनकपुर बाजार में भ्रमण कर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मनरेगा को ग्रामीणों के हक की रक्षा का आधार बताया।
शक्ति प्रदर्शन : कार्यकर्ताओं का हुजूम और गर्मजोशी से स्वागत
रैली से पूर्व जनकपुर में नवनियुक्त ब्लॉक अध्यक्ष एवं मंडल अध्यक्षों का फूल-मालाओं और आतिशबाजी के साथ भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा गया। आमसभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और इसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख उपस्थिति :
कार्यक्रम में सांसद प्रतिनिधि रवि प्रताप सिंह, मंडल अध्यक्ष संजीव गुप्ता, विनीत सिंह, लाल साय बैगा, देवेन्द्र सिंह, और अवधेश सिंह सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित रहे।
मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीब परिवारों के सम्मान और आजीविका का अधिकार है। वर्तमान सरकार की नीतियां इस योजना को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं, जिससे मजदूरों का पलायन बढ़ेगा। कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक इस हक की लड़ाई लड़ेगी। आज जनकपुर की जनता ने बता दिया है कि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं।
गुलाब कमरो (पूर्व विधायक)
भाजपा सरकार मनरेगा के बजट में कटौती कर ग्रामीणों के पेट पर लात मार रही है। हमारा लक्ष्य अंतिम व्यक्ति तक उनके हक की आवाज पहुंचाना है। आज की रैली और आमसभा तो महज शुरुआत है; अगर गरीबों के हक को छीना गया, तो भरतपुर ब्लॉक का एक-एक कांग्रेस कार्यकर्ता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। हम नवनियुक्त पदाधिकारियों के साथ मिलकर संगठन को और अधिक धार देंगे।
अंकुर प्रताप सिंह (अध्यक्ष, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी)
राजनीतिक गलियारों में चर्चा
जनकपुर में हुए इस शक्ति प्रदर्शन को क्षेत्र में कांग्रेस की वापसी और आगामी चुनावों की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है। नवनियुक्त पदाधिकारियों के स्वागत ने संगठन में नई ऊर्जा भरने का काम किया है।







