अंतिम छोर के व्यक्ति तक पहुंचेगा विकास : बजट को समावेशी बताते हुए पंडरिया विधायक ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री का जताया आभार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/पंडरिया। संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा लगातार नौवीं बार प्रस्तुत किया गया ‘विकसित भारत बजट 2026-27’ देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला है। इस बजट का स्वागत करते हुए पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने इसे आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में मील का पत्थर बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक सशक्त ब्लूप्रिंट है।
तीन स्तंभों पर टिका है भविष्य का भारत विधायक भावना बोहरा ने बजट के मूल दर्शन को समझाते हुए कहा कि यह मुख्य रूप से तीन आधार स्तंभों पर केंद्रित है:
- आर्थिक सुदृढ़ता: वैश्विक अस्थिरता के बीच विकास की गति को बनाए रखना।
- आकांक्षाओं की पूर्ति: हर वर्ग की क्षमताओं का विकास।
- सार्थक भागीदारी: संसाधनों और अवसरों तक हर समुदाय, धर्म और क्षेत्र की पहुंच सुनिश्चित करना।
सेक्टर-वार आवंटन: आंकड़ों में सशक्त भारत की तस्वीर भावना बोहरा ने बजट में विभिन्न क्षेत्रों के लिए किए गए भारी-भरकम प्रावधानों को देश की प्रगति का इंजन बताया:
- परिवहन: ₹5,98,520 करोड़ (सड़क, रेल और लॉजिस्टिक्स का कायाकल्प)
- रक्षा: ₹5,94,585 करोड़ (सुरक्षित और सशक्त भारत)
- ग्रामीण विकास: ₹2,73,108 करोड़ (गांवों में रोजगार और बुनियादी सुधार)
- गृह मंत्रालय: ₹2,55,234 करोड़ (आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था)
- कृषि: ₹1,62,671 करोड़ (किसानों की आय और सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि)
- शिक्षा: ₹1,39,289 करोड़ (गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कौशल विकास)
- ऊर्जा एवं शहरी विकास: ₹1,09,029 करोड़ और ₹85,522 करोड़ का प्रावधान।
स्वास्थ्य और शिक्षा: आम आदमी को मिली बड़ी राहत विधायक ने स्वास्थ्य क्षेत्र में किए गए क्रांतिकारी फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि कैंसर की 17 दवाओं पर आयात शुल्क खत्म करना और सिकल सेल, हीमोफिलिया जैसी 7 दुर्लभ बीमारियों की दवाओं को ड्यूटी फ्री करना मरीजों के लिए जीवनदान साबित होगा।
- मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर: आयुर्वेदिक AIIMS की घोषणा और 5 नए मेडिकल हब का निर्माण।
- बेटियों की सुरक्षा: देश के हर जिले में बालिका छात्रावास बनाने की घोषणा शिक्षा और सुरक्षा को नया आयाम देगी।
छत्तीसगढ़ के लिए सौगात: तेंदूपत्ता संग्राहकों को सीधा लाभ छत्तीसगढ़ के परिप्रेक्ष्य में भावना बोहरा ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बजट में तेंदूपत्ता उद्योग के लिए TCS की दर 5% से घटाकर 2% कर दी गई है। इससे प्रदेश के आदिवासी और वनांचल क्षेत्रों के संग्राहकों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा।
नवाचार और उद्यमिता: युवाओं और किसानों के लिए नए अवसर * टेक्नोलॉजी: 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स और किसानों के लिए बहुभाषीय AI टूल का प्रावधान।
- लघु उद्योग: 10,000 करोड़ की SME विकास निधि और विकसित भारत कोष में 2000 करोड़ का टॉपअप।
- परंपरा: ‘महात्मा गांधी ग्राम स्वराज’ के जरिए हथकरघा और हस्तशिल्प को आधुनिक वस्त्र उद्योग से जोड़ना।
- दिव्यांगजन: कौशल एवं सहारा योजना के माध्यम से सशक्तिकरण।
यह बजट गांव, गरीब, किसान, महिला, युवा और मध्यम वर्ग की तस्वीर और तकदीर बदलने वाला है। ज्ञान, तकनीक और नवाचार का यह संगम भारत को ग्लोबल बायोफार्म हब बनाएगा।
— भावना बोहरा, विधायक पंडरिया







