सर्वे के बिना क्यों कट रहे राशन कार्ड ? नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा और पार्षदों के साथ पहुंचे ब्लाक अध्यक्ष शिवांश जैन ने प्रशासन को दी चेतावनी, समस्याओं के समाधान की उठाई मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़/चिरमिरी। शहर की बुनियादी समस्याओं और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष शिवांश जैन (राजू) के नेतृत्व में कांग्रेसी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल जिला कलेक्टर कार्यालय पहुँचा और शहर की ज्वलंत समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि शहर की जनता को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलीं, तो आंदोलन और उग्र होगा।
राशन कार्ड से नाम काटने और जर्जर सड़कों पर आक्रोश
ज्ञापन के माध्यम से शिवांश जैन ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि बिना किसी जमीनी सर्वे के जरूरतमंदों के नाम राशन कार्ड से काटे जा रहे हैं, जो गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। वहीं, शहर की खराब सड़कों और दूषित पेयजल की आपूर्ति ने चिरमिरी की जनता का जीना मुहाल कर दिया है।

अधूरे ‘मंगल भवन’ और स्थानीय युवाओं की अनदेखी पर सवाल
कांग्रेस ने ज्ञापन में प्रमुखता से डोमनहिल में 3 करोड़ की लागत से बन रहे मंगल भवन का मुद्दा उठाया। यह कार्य लंबे समय से बंद पड़ा है, जिससे स्थानीय लोगों को सामाजिक कार्यक्रमों के लिए भटकना पड़ रहा है। साथ ही मांग की गई कि:
एसआईआर में विशेष व्यक्तियों के नाम काटे जाने और फार्म 7 का दुरूपयोग रोकने के लिए कार्रवाई की जाए



- SECL में स्थानीय भर्ती: चिरमिरी में खुलने वाले नए विद्यालयों में स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए।
- स्वास्थ्य सेवा: जिला अस्पताल में डायलिसिस यूनिट और ब्लड बैंक की तत्काल स्थापना हो ताकि मरीजों को रेफर करने की नौबत न आए।
- SIR विसंगति: एसआईआर में विशेष व्यक्तियों के नाम काटने और फॉर्म 7 के दुरुपयोग पर रोक लगाई जाए।
नेतृत्व और उपस्थिति
ज्ञापन सौंपने के दौरान मुख्य रूप से नेता प्रतिपक्ष गायत्री बिरहा, पार्षद सनी चौहथा, पार्षद अनीश, मंडल अध्यक्ष उमाशंकर, रामप्यारे चौहान, इंद्रजीत सिंह और कार्यालय प्रभारी अशरफ अली उपस्थित रहे।
प्रमुख मांगें एक नज़र में
- राशन कार्ड: बिना सर्वे नाम काटने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक।
- डोमनहिल मंगल भवन: रुके हुए निर्माण कार्य को तत्काल शुरू करना।
- स्थानीय रोजगार: चिरमिरी के युवाओं को स्थानीय उपक्रमों में प्राथमिकता।
- शुद्ध पेयजल: दूषित पानी की समस्या का स्थायी समाधान।




