धुरबेड़ा और मोहंदी के बच्चों ने जाना बाहरी दुनिया का फलसफा, कलेक्टर बोलीं- “90% अंक लाओ और रेल-हवाई जहाज की सैर पाओ”
नई पहल न्यूज नेटवर्क। नारायणपुर |जिला प्रशासन की एक संवेदनशील और अनूठी पहल ने आज सुदूर वनांचल के बच्चों के चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी। अबूझमाड़ के दुर्गम क्षेत्र ग्राम धुरबेड़ा और मोहंदी के पूर्व माध्यमिक शाला के छात्र-छात्राओं ने आज न केवल जिला मुख्यालय का भ्रमण किया, बल्कि जिले की कमान संभाल रहीं कलेक्टर नम्रता जैन के साथ सीधा संवाद कर अपने मन की बात साझा की। जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित इस मुलाकात को ‘सपनों का संवाद’ का नाम दिया गया।
डॉक्टर-इंजीनियर बनने की ललक और कलेक्टर का अनूठा ‘टारगेट’
संवाद के दौरान जब कलेक्टर ने बच्चों से उनके लक्ष्यों के बारे में पूछा, तो बच्चों की आँखों में भविष्य की चमक दिखी। किसी ने डॉक्टर, तो किसी ने इंजीनियर, पुलिस और शिक्षक बनने की ख्वाहिश जताई। बच्चों का उत्साह बढ़ाते हुए कलेक्टर नम्रता जैन ने एक बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि— “जो भी बच्चा इस वर्ष अपनी कक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक लाएगा, उसे प्रशासन की ओर से रेल और हवाई जहाज की सैर कराई जाएगी।”
बुधराम की मांग और कलेक्टर का भरोसा
कक्षा आठवीं के छात्र बुधराम मण्डावी ने जब आत्मविश्वास के साथ स्कूल आने-जाने के लिए साइकिल और खेल के मैदान की मांग रखी, तो कलेक्टर ने तुरंत संज्ञान लेते हुए मांग पूरी करने का भरोसा दिलाया। वहीं, गणित शिक्षक की कमी को भी जल्द दूर करने का आश्वासन दिया गया। कलेक्टर ने बच्चों को विज्ञान, गणित और अंग्रेजी जैसे विषयों पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।
ट्रैकसूट, जूते और बैग पाकर खिले बच्चों के चेहरे
दो दिवसीय भ्रमण कार्यक्रम के तहत बच्चों को जिले के महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कराया जा रहा है:



- भ्रमण स्थल: कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाद बच्चों ने बिंजली स्थित शांत सरोवर जलाशय, नवोदय विद्यालय सुपगांव, एजुकेशन हब गरांजी और जिला ग्रंथालय का अवलोकन किया।
- उपहार: शांत सरोवर भ्रमण के दौरान बच्चों को जिला प्रशासन की ओर से ट्रैकसूट, जूते और स्कूल बैग प्रदान किए गए।
सांस्कृतिक रंग: स्थानीय बोली में गूंजे गीत
भ्रमण के दौरान बच्चों ने अपनी संस्कृति को भी साझा किया। बच्चों ने कलेक्ट्रेट परिसर में स्थानीय बोली में सुमधुर गीत सुनाए, जिससे माहौल काफी आत्मीय हो गया। पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया और जिला पंचायत सीईओ आकांक्षा शिक्षा खलखो ने बच्चों को पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं के लिए आवश्यक योग्यताओं की जानकारी दी।
अबूझमाड़ को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश
इस पहल का मुख्य उद्देश्य अबूझमाड़ जैसे संवेदनशील क्षेत्रों के बच्चों को बाहरी दुनिया, आधुनिक शिक्षा और प्रशासनिक ढांचे से परिचित कराना है, ताकि वे अपने भीतर के डर को त्याग कर बेहतर भविष्य की ओर कदम बढ़ा सकें।
प्रमुख उपस्थितियां:
इस अवसर पर एडिशनल एसपी अजय कुमार, अक्षय साबद्रा, सहायक आयुक्त राजेंद्र सिंह और जिला शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।




