पद्मश्री अशोक चक्रधर सहित दिग्गज कवियों की शानदार प्रस्तुतियों से गूंजा टैगोर हाल

नई पहल न्यूज नेटवर्क। बिलासपुर। राजभाषा पखवाड़ा 2025 के अंतर्गत एसईसीएल वसंत विहार स्थित टैगोर हाल में 25 सितम्बर की शाम शब्दों, सुरों और हास्य-व्यंग्य की महफिल सजाई गई। अखिल भारतीय कवि सम्मेलन ने ऐसा समां बाँधा कि श्रोता देर तक तालियों की गड़गड़ाहट से हॉल गूंजाते रहे। कार्यक्रम में पद्मश्री अशोक चक्रधर, अरुण जेमिनी, सुंदर कटारिया, मुमताज नसीम, डॉ. मणिका दुबे, स्वयं श्रीवास्तव जैसे दिग्गज कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
✦ आयोजन की गरिमा
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक हरीश दुहन थे। इस अवसर पर श्रद्धा महिला मण्डल अध्यक्षा शशि दुहन, उपाध्यक्षा इप्शिता दास, विनीता जैन, शुभश्री महापात्रा सहित एसईसीएल संचालन समिति, कल्याण मंडल, सुरक्षा समिति, विभिन्न श्रम संघ प्रतिनिधि, विभागाध्यक्ष, अधिकारी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सीएमडी श्री दुहन ने अपने संबोधन में कवियों का स्वागत करते हुए कहा कि, राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित यह हास्य कवि सम्मेलन निश्चित ही प्रशंसनीय है। इससे हिन्दी भाषा को बढ़ावा मिलेगा और साहित्यिक संस्कृति को मजबूती।

✦ कवियों की झलकियाँ
पद्मश्री अशोक चक्रधर (दिल्ली): राजनीति और सामाजिक मुद्दों पर हास्य-व्यंग्य से श्रोताओं को खूब हंसाया।
अरुण जेमिनी (दिल्ली): आम आदमी के दर्द और भ्रष्टाचार पर व्यंग्य कर जमकर तालियाँ बटोरीं।
सुंदर कटारिया (गुड़गांव): हरियाणवी अंदाज में हास्य की फुलझड़ियों से सबको गुदगुदाया।
स्वयं श्रीवास्तव (उन्नाव): अपने गीतों और संवेदनशील शब्दों से दिल छू लिया।
मुमताज नसीम (अलीगढ़): श्रृंगार और भावनात्मक कविता से वातावरण में गहराई भरी।
डॉ. मणिका दुबे (सीहोर): प्रेम, संवेदना और नारी शक्ति पर आधारित काव्य पाठ ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रीकुमार बीजेन्द्र (रांची): प्रभावी मंच संचालन व रचनाओं से श्रोताओं को बांधे रखा।
✦ कार्यक्रम की शुरुआत और समापन
कवि सम्मेलन की शुरुआत माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलन और कोल इंडिया कॉर्पोरेट गीत से हुई।
स्वागत उद्बोधन मनीष श्रीवास्तव (उप महाप्रबंधक, मानव संसाधन-प्रशासन/राजभाषा) ने दिया।
मंच संचालन का दायित्व दिलीप सिंह (वरीय प्रबंधक, राजभाषा) ने निभाया।
आभार प्रदर्शन सविता निर्मलकर (उप महाप्रबंधक, राजभाषा) ने किया।
About The Author














