एक रचनात्मक यात्रा के साक्षी बने डॉ. महंत; बोले- ब्रह्मवीर सिंह के शब्द केवल पढ़ते नहीं, जीवंत दृश्य रचते हैं
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता डॉ. चरणदास महंत ने आज वरिष्ठ पत्रकार एवं विख्यात लेखक ब्रह्मवीर सिंह से उनके निवास पर सौजन्य मुलाकात की। इस आत्मीय भेंट के दौरान ब्रह्मवीर सिंह ने अपनी नवीनतम साहित्यिक कृति “प्रत्याघात” की पहली प्रति डॉ. महंत को भेंट की। दोनों व्यक्तित्वों के बीच यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं, बल्कि दशकों पुराने साहित्यिक जुड़ाव और स्नेह का प्रतिबिंब रही। डॉ. महंत ने इस अवसर पर लेखक की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
‘दंड का अरण्य’ से ‘प्रत्याघात’ तक का सफर
डॉ. चरणदास महंत ने पुरानी स्मृतियों को ताजा करते हुए कहा कि उन्हें इस बात का गहरा संतोष है कि वे ब्रह्मवीर सिंह की पूर्व चर्चित कृतियों ‘दंड का अरण्य’ और ‘बुत मरते नहीं’ के विमोचन के भी साक्षी रहे हैं।
एक रचनात्मक यात्रा को इतने अपनेपन और निकटता से विकसित होते देखना वास्तव में सुखद और गर्व का विषय है। ब्रह्मवीर जी की लेखनी में वह जादू है जो पाठकों को सोचने पर विवश कर देता है।
— डॉ. चरणदास महंत, नेता प्रतिपक्ष
लेखनी में है अद्भुत क्षमता
ब्रह्मवीर सिंह की लेखन शैली पर चर्चा करते हुए डॉ. महंत ने कहा कि वे शब्दों के माध्यम से जीवंत दृश्य रचने में माहिर हैं। उनकी साहित्यिक क्षमता न केवल पाठकों का मनोरंजन करती है, बल्कि उन्हें भीतर तक स्पर्श करती है। छत्तीसगढ़ की माटी से उपजा यह साहित्य अपनी सशक्त पहचान बनाने की ओर अग्रसर है।
शुभकामनाओं के साथ स्नेह का आशीष
नेता प्रतिपक्ष ने लेखक को ‘बड़े भाई’ जैसा स्नेह और आशीर्वाद देते हुए आशा व्यक्त की कि ब्रह्मवीर सिंह बतौर पत्रकार और साहित्यकार न केवल छत्तीसगढ़, बल्कि देश और विदेश के पटल पर भी अपनी एक विशिष्ट और सशक्त पहचान स्थापित करेंगे।
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