छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ की अपील, “नंबर आपकी काबिलियत तय नहीं करते, खुद पर रखें भरोसा”
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। आज से शुरू हुई10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर जहाँ छात्र-छात्राओं में उत्साह है, वहीं परीक्षा का तनाव भी गहरा रहा है। इस बीच छत्तीसगढ़ व्याख्याता वाणिज्य विकास संघ ने प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए एक बेहद संवेदनशील और प्रेरणादायक संदेश जारी किया है। संघ के संयोजक एवं प्रदेश अध्यक्ष विष्णु प्रसाद साहू ने दो टूक शब्दों में कहा है कि— “आज जो बड़े मुकाम पर हैं, वे भी कभी न कभी असफल हुए थे। परीक्षा के अंकों के लिए कोई भी गलत कदम उठाना समाधान नहीं है।”
आत्मविश्वास और रणनीति ही जीत की कुंजी
संघ के पदाधिकारियों— प्रदेश उपाध्यक्ष ममता वाडदे, गीता नायर, प्रदेश संचालक खोमन लाल साहू, प्रदेश सचिव विवेक ध्रुर्वे और संरक्षक जगदीश दिल्लीवार ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि बोर्ड परीक्षा केवल किताबी ज्ञान की नहीं, बल्कि आपके समय प्रबंधन और मानसिक संतुलन की भी परीक्षा है।
“छात्रों को बहुआयामी दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। पढ़ाई के प्रति अटूट समर्पण और अपनी सेहत (के बीच संतुलन बनाकर ही आत्मविश्वास हासिल किया जा सकता है।”
तनाव को कहें ‘बाय-बाय’: संघ द्वारा जारी ‘सक्सेस मंत्र’
परीक्षा के डर और डिप्रेशन से बचने के लिए विष्णु प्रसाद साहू ने विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए 09 महत्वपूर्ण सूत्र साझा किए हैं:
परीक्षा के तनाव से बचने के 09 अचूक उपाय
- सच्चाई स्वीकारें: यह जान लें कि परीक्षा के नंबर आपकी संपूर्ण काबिलियत का पैमाना नहीं हो सकते।
- तुलना से बचें: दूसरे बच्चों या सहपाठियों से भूलकर भी अपनी तुलना न करें।
- संवाद जरूरी है: परीक्षा के दौरान पेपर कैसा भी जाए, अपने माता-पिता के साथ बात जरूर साझा करें।
- आगे बढ़ें: यदि कोई पेपर सही नहीं गया है, तो उसे छोड़कर अगले विषय की तैयारी पर ध्यान दें।
- दृष्टिकोण बदलें: परीक्षा में कम अंक आने से आपका एक साल खराब हो सकता है, लेकिन आपका पूरा भविष्य नहीं।
- रिवीजन पर फोकस: परीक्षा के अंतिम दिनों में नया पढ़ने के बजाय पढ़े हुए के ‘रिवीजन’ पर जोर दें।
- जीवन अनमोल है: आत्महत्या जैसा गलत कदम कभी न उठाएं। यह आखिरी विकल्प नहीं है, सोचिए आपके बिना आपके माता-पिता का क्या होगा।
- अभिभावकों की भूमिका: माता-पिता घर का माहौल स्वच्छ, शांत और खुशनुमा बनाए रखें।
- सेहत का ध्यान: पढ़ाई के साथ-साथ 7-8 घंटे की पर्याप्त नींद, संतुलित आहार और छोटे ब्रेक लेना आवश्यक है।
अभिभावकों के लिए संदेश: ‘अटूट समर्थन ही सबसे बड़ी शक्ति’
संघ ने जोर देकर कहा कि सफलता का मापन केवल अंकों से नहीं, बल्कि सीखने की प्रक्रिया और व्यक्तिगत विकास से होता है। जब माता-पिता अपने बच्चों को अटूट समर्थन और प्रोत्साहन देते हैं, तब छात्र किसी भी चुनौती को पार करने में सक्षम होते हैं। विजय केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि सीखने की एक निरंतर यात्रा है।



याद रखें: आपकी मेहनत और दृढ़ संकल्प ही आपको भविष्य के बड़े मुकामों तक ले जाएगा। शांत मन से परीक्षा दें और खुद पर विश्वास रखें।




