डॉ. वर्णिका शर्मा ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा; छात्राओं से किया सीधा संवाद, बच्चियों ने खुलकर रखी मन की बात
छात्राओं ने रखी ट्यूशन टीचर, कंप्यूटर और लाइब्रेरी की मांग, आयोग अध्यक्ष ने दिए जल्द समाधान के निर्देश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर / बालोद | छत्तीसगढ़ राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा ने बालोद प्रवास के दौरान आदिम जाति विकास विभाग द्वारा संचालित शासकीय पोस्ट मैट्रिक आदिवासी कन्या छात्रावास का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल छात्रावास की मूलभूत सुविधाओं का बारीकी से जायजा लिया, बल्कि छात्राओं के बीच बैठकर उनसे सीधा संवाद भी किया। इस दौरान छात्राओं ने अपनी शिक्षा और भविष्य की आवश्यकताओं को लेकर बेझिझक अपनी बात रखी और ट्यूशन टीचर, कंप्यूटर तथा लाइब्रेरी जैसी सुविधाओं की पुरजोर मांग की।
“मन लगाकर पढ़ें और नाम रोशन करें” — डॉ. वर्णिका शर्मा

छात्राओं से संवाद करते हुए डॉ. शर्मा ने उन्हें लक्ष्य बनाकर लगन से पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह सशक्त माध्यम है जिसके जरिए बेटियाँ अपने सपनों को साकार कर सकती हैं। उन्होंने बेटियों से कहा कि वे मन लगाकर पढ़ाई करें, जीवन में ऊंचे मुकाम हासिल करें और देश व प्रदेश का नाम रोशन करें। संवाद के दौरान उन्होंने छात्राओं की पढ़ाई, दिनचर्या और हॉस्टल में मिल रही सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

सुरक्षा, स्वच्छता और सेनेटरी वेंडिंग मशीन का लिया जायजा

निरीक्षण के दौरान बाल आयोग अध्यक्ष ने छात्रावास के बालिका कक्षों, बाथरूम और स्वच्छता व्यवस्था का निरीक्षण किया। उन्होंने हॉस्टल में स्थापित सेनेटरी वेंडिंग मशीन की कार्यप्रणाली को भी देखा। डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि छात्राओं के लिए एक स्वच्छ, सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त करने के कड़े निर्देश
छात्राओं की मांगों और समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए डॉ. वर्णिका शर्मा ने मौके पर मौजूद छात्रावास अधीक्षिका एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हॉस्टल में सुरक्षा और स्वच्छता से कोई समझौता न किया जाए तथा छात्राओं की मूलभूत सुविधाओं व मांगों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर छत्तीसगढ़ रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन तोमन साहू सहित आदिम जाति विकास विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी विशेष रूप से मौजूद रहे।
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