धान खरीदी सीजन में किसानों की आर्थिक सुरक्षा सर्वोपरि, दुर्ग पुलिस की बड़ी अपील, ‘उठाई गिरोह और साइबर अपराधियों’ से बचने के लिए जारी किए 16 सुरक्षा सूत्र
नई पहल न्यूज नेटवर्क। दुर्ग। धान खरीदी का सीजन शुरू होते ही किसानों के खातों में उनकी साल भर की मेहनत का पैसा आना शुरू हो गया है। इसी अवसर का फायदा उठाने के लिए उठाई गिरोह और साइबर अपराधी ग्रामीण क्षेत्रों में सबसे अधिक सक्रिय हो गए हैं। किसानों की आर्थिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए, दुर्ग पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर पुलिस ने एक व्यापक जागरूकता अभियान शुरू किया है। इसके तहत, धान खरीदी केंद्रों पर विशेष पोस्टर लगाए जा रहे हैं और किसानों को 16 सुरक्षा सूत्रों के माध्यम से जागरूक किया जा रहा है ताकि वे किसी भी तरह की धोखाधड़ी या लूटपाट का शिकार न हों। पुलिस ने सभी नागरिकों से अनुरोध किया है कि इस संदेश को अधिकतम किसानों तक पहुँचाकर सहयोग प्रदान करें।
16 सुरक्षा सूत्र जो किसानों को बनाएंगे ‘जागरूक किसान’
दुर्ग पुलिस ने स्पष्ट अपील की है कि “सतर्क किसान ही सुरक्षित किसान”। पुलिस अधीक्षक ने किसानों को बैंक, सड़क और साइबर स्पेस तीनों जगहों पर सतर्क रहने की सलाह दी है।

1. बैंक और नकद लेनदेन में सतर्कता (उठाई गिरोह से बचाव):
पुलिस ने चेतावनी दी है कि बैंक में पैसे निकालते समय अनजान लोगों से मदद न लें और नोटों की गिनती केवल बैंक के अंदर ही करें। सड़क पर पैसे दिखाना खतरे को न्योता देना है।
- सुरक्षित परिवहन: बैंक आते-जाते समय पैसे को हमेशा शरीर से सटाकर रखें, और गाड़ी की डिक्की में नकद रखने से बचें—अपराधी डिक्की आसानी से तोड़ देते हैं।
- सीधे घर जाएं: पैसे निकालने के बाद रास्ते में कहीं भी न रुकें (होटल, दुकान या चाय)। रास्ते में रुकना चोरी की घटनाओं को बढ़ाता है।
- साथी रखें: बैंक जाते समय किसी भरोसेमंद व्यक्ति को साथ रखें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत कंट्रोल रूम (9479192099 या 112) पर सूचना दें।
2. साइबर सुरक्षा और धोखाधड़ी से बचाव (डिजिटल खतरों से बचाव):
किसानों के लिए डिजिटल और साइबर फ्रॉड सबसे बड़ा खतरा बनकर उभरा है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कोई भी अपनी निजी जानकारी (ATM/आधार नंबर, पासबुक डिटेल) किसी को न बताए।
- OTP और PIN: बैंक कभी फोन पर OTP नहीं मांगता। OTP, PIN या पासवर्ड किसी को भी न बताएं—यह 100% फ्रॉड होता है।
- फर्जी कॉल: KYC अपडेट, लॉटरी, इनाम, या फर्जी कस्टमर केयर के नाम पर आने वाले कॉल, SMS, या अनजान लिंक पर बिल्कुल भी क्लिक न करें। इन पर क्लिक करने से खाता हैक हो सकता है।
- AI और डिजिटल गिरफ्तारी: AI आवाज़ या खुद को पुलिस/CBI अधिकारी बताकर ‘डिजिटल गिरफ्तारी’ की धमकी देने वाले कॉल से सावधान रहें। पुलिस कभी फोन पर गिरफ्तारी नहीं करती। वीडियो कॉल से पहचान की पुष्टि किए बिना पैसे न भेजें।
- सोशल मीडिया: Facebook/WhatsApp पर आए फर्जी बैंकिंग जानकारी या APK फ़ाइलों पर भरोसा न करें।
“धान खरीदी सीजन हमारे किसानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इस समय किसान भाइयों का सतर्क रहना ही उनकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। हमने धान खरीदी केंद्रों पर व्यापक जागरूकता पोस्टर लगाए हैं। मेरी अपील है कि किसान भाई केवल अधिकृत बैंक कर्मचारी से ही मदद लें और अपनी निजी/आर्थिक जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से साझा न करें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। एक जागरूक किसान ही सुरक्षित किसान है, और दुर्ग पुलिस उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।”
विजय अग्रवाल
पुलिस अधीक्षक
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