छत्तीसगढ़ में शिक्षकों का युक्तिकरण का विरोध, बालोद में काउंसलिंग के दौरान शिक्षक सड़कों पर उतरे, प्रशासन ने लगाई बैरिकेडिंग

बालोद। जिले में युक्तियुक्तकरण के तहत शिक्षकों की काउंसलिंग को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। जिला पंचायत सभागार में जहां कुछ शिक्षकों की काउंसलिंग चल रही है, वहीं बड़ी संख्या में शिक्षक इसका विरोध कर रहे हैं। शिक्षकों का आरोप है कि काउंसलिंग प्रक्रिया नियमों के विपरीत की जा रही है। उनका कहना है कि प्रशासन ने रिक्त पदों की सूची काउंसलिंग से एक दिन पहले रात में जारी की। शिक्षकों के अनुसार पहले रिक्त पदों की सूची जारी कर दावा-आपत्ति का मौका दिया जाना चाहिए था।स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने पुलिस बल तैनात किया है और बैरिकेडिंग लगाई गई है।

सर्व शिक्षक साझा मंच के जिला संचालक जितेंद्र शर्मा ने कहा कि कलेक्टर उनकी बात सुनने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने 2008 के सेटअप में छेड़छाड़ का आरोप लगाया। 2008 के नियम के अनुसार, प्राथमिक शाला में 60 छात्रों पर एक प्रधान पाठक और दो शिक्षक नियुक्त किए जाते थे।
जिला शिक्षक साझा मंच के दिलीप साहू ने बताया कि शिक्षा विभाग पुराने सेटअप को बदल रहा है। प्राथमिक और मिडिल स्कूल को एक ही परिसर में संचालित करने की योजना है। इसी तरह मिडिल और हाई स्कूल को भी एक साथ किया जा रहा है। शिक्षकों का मानना है कि यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था के लिए उचित नहीं है।


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