— संस्कारों की पाठशाला बनी लिटिल मिलेनियम प्रीस्कूल, दीपोत्सव के साथ बच्चों ने सीखे सुरक्षा के ककहरा
— दीया, कलश, थाली सजावट और रंगोली में चमके नन्हे सितारे, विजेताओं को मिला सम्मान
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़ |त्योहारों की रौनक जब मासूमियत के साथ मिल जाए, तो उत्सव का आनंद कई गुना बढ़ जाता है। मनेन्द्रगढ़ के प्रतिष्ठित ‘लिटिल मिलेनियम प्रीस्कूल’ में कुछ ऐसा ही मनमोहक नजारा देखने को मिला, जहाँ दीपों के पर्व दीपावली पर नन्हें-मुन्ने बच्चों ने अपनी कला, संस्कृति और संस्कारों की अद्भुत त्रिवेणी बिखेर दी। पारंपरिक परिधानों में सजे बच्चों की चमकती आँखें और विद्यालय प्रांगण की जगमगाहट ने पूरे माहौल को उत्सवमय बना दिया। यह आयोजन महज़ एक जश्न नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर भारतीय संस्कृति के बीज रोपने और उन्हें जीवन के अहम मूल्यों से रूबरू कराने का एक बेहद सुंदर और अनुशासित प्रयास साबित हुआ।

पौराणिक कथाओं से सजी क्लास: जब नन्हीं जुबां पर आए मर्यादा पुरुषोत्तम राम
कार्यक्रम के विधिवत शुभारंभ पर विद्यालय की चीफ लर्निंग ऑफिसर (सीएलओ) स्मृति गुप्ता, कोऑर्डिनेटर निशी विश्वकर्मा और समर्पित शिक्षिकाओं ने बच्चों को दीपावली के पौराणिक, धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व से गहराई से जोड़ा। शिक्षिकाओं ने कथा के माध्यम से बच्चों को बताया कि कैसे चौदह वर्ष के वनवास के उपरांत लंका विजय कर अयोध्या लौटे भगवान श्री राम के स्वागत में पूरी नगरी दीपों से जगमगा उठी थी।

इसके साथ ही बच्चों को केवल इतिहास से नहीं जोड़ा गया, बल्कि जीवन के व्यावहारिक संस्कारों से भी अवगत कराया गया—जैसे गणेश-लक्ष्मी पूजन का विधान, आपस में खुशियाँ व मिठाइयाँ बाँटना और बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त करना। यह सत्र बच्चों के मानसिक और नैतिक विकास के लिए एक अनूठा अनुभव रहा।

सुरक्षा भी, संस्कार भी: सतर्कता के साथ मनी खुशियों की दीपावली
त्योहारों में उमंग के साथ सुरक्षा बेहद जरूरी है—इस संदेश को चरितार्थ करते हुए विद्यालय प्रशासन ने एक अनूठी पहल की। शिक्षिकाओं ने बच्चों को पटाखे जलाते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से समझाया और बताया कि हमेशा बड़ों की उपस्थिति में ही पटाखे जलाए जाने चाहिए।
विद्यालय परिसर में ही बच्चों के लिए विशेष और पूरी तरह सुरक्षित प्रबंध किए गए थे, जहाँ प्रत्येक बच्चे ने अपनी शिक्षिकाओं की देखरेख में अनुशासित तरीके से फुलझड़ियाँ और पटाखे जलाकर भरपूर आनंद लिया।
प्रतिभा का महाकुंभ: कला और कल्पनाशक्ति ने मोहा सबका मन
बच्चों की कॉग्निटिव स्किल्स (संज्ञानात्मक विकास) और कल्पनाशीलता को निखारने के लिए क्लास-वाइज आकर्षक क्रिएटिव प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे हुनरमंदों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया:
- प्ले ग्रुप: दीया डेकोरेशन
- नर्सरी: कलश डेकोरेशन
- केजी-1: थाली डेकोरेशन
- केजी-2: रंगोली मेकिंग
बच्चों ने मिट्टी के दीयों, पूजन थालियों और रंगोलियों को जिस खूबसूरती और रंगों के संयोजन के साथ सजाया, उसे देखकर वहाँ मौजूद सभी शिक्षक अचंभित रह गए।
सम्मान के हकदार बने नन्हे सितारे: प्रतियोगिता के परिणाम
अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं की सूची इस प्रकार रही:
- प्ले ग्रुप (दीया डेकोरेशन):
- प्रथम: श्रेयांसी सिंह
- द्वितीय: कायरव रजक
- तृतीय: इशांक शर्मा
- नर्सरी – सेक्शन ‘ए’ (कलश डेकोरेशन):
- प्रथम: नित्या तिग्गा
- संयुक्त द्वितीय: रेयांश गुप्ता व इनसिया
- संयुक्त तृतीय: काशवी अग्रवाल व प्रणवी पाटिल
- नर्सरी – सेक्शन ‘बी’ (कलश डेकोरेशन):
- प्रथम: रेयांश सोंदिया
- द्वितीय: स्वास्ती सांडिलिया
- तृतीय: अयांश सोनी
- केजी-1 – सेक्शन ‘ए’ (थाली डेकोरेशन):
- प्रथम: शिवांसी चक्रधारी
- द्वितीय: अंशिका सिंह
- तृतीय: शानवी शाह
- केजी-1 – सेक्शन ‘बी’ (थाली डेकोरेशन):
- प्रथम: भाव्या गुप्ता
- द्वितीय: शानवी सोनी
- तृतीय: नियति जैन
- केजी-2 (रंगोली मेकिंग):
- प्रथम: अदिति गुप्ता
- द्वितीय: मायरा एमजी भारद्वाज
- तृतीय: अमन सिंह
ज्ञान और सकारात्मकता का प्रकाश फैलाएं: मो. फिरोज मंसूरी
समारोह के समापन पर सभी विजयी प्रतिभागियों को आकर्षक सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के संचालक मो. फिरोज मंसूरी ने सभी बच्चों और अभिभावकों को दीपावली की आत्मीय शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “दीपावली का यह पावन पर्व हमें अपने जीवन में ज्ञान, सकारात्मकता और आपसी सद्भाव का प्रकाश फैलाने की प्रेरणा देता है।”
संचालक के कुशल मार्गदर्शन, सुपरविजन तथा शिक्षकों और सहयोगी दीदियों के सहयोगात्मक प्रयासों से सजा यह भव्य दीपोत्सव लिटिल मिलेनियम स्कूल के इतिहास में एक यादगार और सफल अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है।
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