नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। जगदलपुर/सुकमा | छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के जिस गाँव को कभी नक्सली हिड़मा का गढ़ माना जाता था, वहां से अब शांति और बदलाव की एक दिल छू लेने वाली तस्वीर सामने आई है। इस बार यह गाँव चर्चा में है, लेकिन किसी मुठभेड़ या बंदूक की आवाज़ से नहीं, बल्कि शादी के गीत, नेग और CRPF जवानों के साथ थिरकती खुशियों के कारण। यह दृश्य है सुकमा के एक आदिवासी गाँव का, जहां हाल ही में एक आदिवासी युवती की शादी हो रही थी। समारोह के बीच अचानक पहुँची CRPF की 150वीं बटालियन की टुकड़ी, जो न सिर्फ युवती को बहन मानते हुए शादी की बधाई देने पहुँची, बल्कि उसे नेग (शगुन) भी दिया और आदिवासी गीतों की धुन पर स्थानीय लोगों के साथ नाचे भी। इस दृश्य का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, तो लोगों ने इसे “बस्तर में बदलाव की असली तस्वीर” करार दिया। एक समय था जब यह इलाका नक्सलियों की धमक और हिंसा के लिए जाना जाता था। यही गाँव हिड़मा जैसे कुख्यात नक्सली का गृहग्राम रहा है, जो अब भी कई वारदातों में संलिप्त है। लेकिन अब यहाँ की फिजा बदल रही है।

बदलती बस्तर की तस्वीर

पिछले कुछ वर्षों में सरकार और सुरक्षा बलों द्वारा चलाए जा रहे समर्पण और विकास अभियान ने इस क्षेत्र की सोच और माहौल दोनों को प्रभावित किया है।
कई नक्सली मारे गए,
कुछ मुख्यधारा से जुड़ गए,
और अब गाँव-गाँव में उत्सव, शिक्षा और सुरक्षा की झलक दिखने लगी है।
जवानों की संवेदनशीलता ने जीता दिल
CRPF जवानों की यह पहल केवल एक विवाह समारोह में भागीदारी नहीं थी, यह एक भावनात्मक पुल था — भरोसे और भाईचारे का संदेश। उन्होंने बताया कि हर बेटी की शादी, हमारी बहन की शादी है, और हर मुस्कान, बस्तर में स्थायी शांति की नींव है।
यह वीडियो एक संदेश है — कि गोलियों से नहीं, दिलों से जीत होती है।
और बस्तर अब बदल रहा है — बंदूक से नहीं, बांसुरी और बधाइयों से।
#बस्तर_बदल_रहा_है
#CRPF_का_संवेदनशील_पहल
#हिड़मा_के_गाँव_से_शांति_की_तस्वीर
#नक्सलमुक्त_बस्तर
#बस्तर_की_बेटी_की_शादी


About The Author










































