गुर्राता तेंदुआ, दहशत में कांकेर ! इंसानों से बेखौफ होता जा रहा है शिकारी तेंदुए की दहाड़ से कांप रहा कांकेर – घरों में दुबके लोग, गार्डन-सड़कें सूनी
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कांकेर। जिले में इन दिनों तेंदुए का खौफ हर गली, मोहल्ले और कॉलोनी में महसूस किया जा रहा है। कभी जंगलों तक सीमित रहने वाला यह खूंखार शिकारी अब रहवासी इलाकों में पूरी तरह से ‘आदी’ हो चुका है। हद तो तब हो गई जब हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो में तेंदुआ लोगों को देखकर भागने के बजाय गुर्राता दिखा। यह वीडियो कांकेर की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी और कोडेजूंगा क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां रात को घूमते तेंदुए को राहगीरों ने कैमरे में कैद किया।
कॉलोनी में दहशत, बच्चे नहीं खेल रहे गार्डन में
इलाके में स्ट्रीट लाइटें बंद पड़ी हैं, वहीं झाड़ियों में छिपा तेंदुआ लोगों के लिए मौत का साया बन चुका है। कॉलोनी के लोग अपने बच्चों को गार्डन में खेलने नहीं भेज रहे हैं, और घरों के दरवाजे समय से पहले बंद किए जा रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि लोग अपने बच्चों को स्कूल भेजने से भी डरने लगे हैं।


मवेशी और कुत्ते बन रहे तेंदुए का शिकार
अब तक दो मवेशी तेंदुए का शिकार बन चुके हैं, जिनमें से एक का अंतिम संस्कार कॉलोनीवासियों ने खुद किया। कुत्ते भी धीरे-धीरे इलाके से गायब हो रहे हैं। लोगों को आशंका है कि झाड़ियों में छिपकर तेंदुआ मौका पाकर हमला कर रहा है।
गर्मियों में बढ़ी तेंदुए की संख्या, वन विभाग मौन
गर्मियों में डुमाली, गढ़िया पहाड़, दुधावा जैसे इलाकों में तेंदुओं के कई शावक देखे गए थे, जो अब बड़े हो चुके हैं। तेंदुए की संख्या में बेतहाशा वृद्धि ने वन विभाग की नींद उड़ा दी है, लेकिन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं दिख रही।
रेस्क्यू के बाद भी नहीं थम रहा आतंक
वन विभाग कई बार तेंदुए पकड़कर उन्हें जंगलों में छोड़ने का दावा करता है, लेकिन स्थानीय लोगों का आरोप है कि तेंदुओं को आसपास की ही पहाड़ियों में छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी संख्या घटने की बजाय बढ़ती जा रही है।
अब सवाल ये है कि क्या वन विभाग जागेगा? या तेंदुए के गुर्राहट से कांपते रहेंगे कांकेर के रहवासी?


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