नई पहल न्यूज़ नेटवर्क । राजनांदगांव। देशभर में अपनी कथाओं के लिए प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा एक बार फिर विवादों में हैं। इस बार मामला कायस्थ समाज की आस्था के केंद्र भगवान श्री चित्रगुप्त और यमराज जी के अपमान से जुड़ा है। कथित तौर पर सीहोर (म.प्र.) में आयोजित कथा के दौरान प्रदीप मिश्रा द्वारा दिए गए बयान का वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उनके कथन से कायस्थ समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। कायस्थ समाज, राजनांदगांव की ओर से इस मामले को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है, जिसमें कथावाचक पर कानूनी कार्रवाई और सार्वजनिक माफी की मांग की गई है।

क्या है विवादित कथन?

ज्ञापन के अनुसार, प्रदीप मिश्रा ने कथा मंच से बोलते हुए कहा –
“अरे रे चित्रगुप्त तू सगळा हिसाब रखता पर मेरा मत रखता।”
यह कथन धर्मग्रंथों, परंपराओं और समाज की भावनाओं के विपरीत बताया गया है। कायस्थ समाज का कहना है कि यह सिर्फ धार्मिक अपमान नहीं बल्कि समाज की गरिमा पर सीधा हमला है।
कायस्थ समाज की तीखी प्रतिक्रिया
राजनांदगांव की कायस्थ सभा के अध्यक्ष ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि, “हमारे आराध्य देव भगवान चित्रगुप्त जी एवं यमराज जी पर इस प्रकार की अमर्यादित, आपत्तिजनक व अवमाननापूर्ण टिप्पणियां पूर्णतः निंदनीय हैं। इससे संपूर्ण कायस्थ समाज में रोष व्याप्त है।”
मांग: प्राथमिकी और सार्वजनिक माफी
ज्ञापन में समाज ने मांग की है कि:
1. कथावाचक प्रदीप मिश्रा के विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज की जाए।
2. सार्वजनिक मंच से माफी मांगी जाए।
3. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए।
बढ़ सकता है विवाद
समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन की दिशा में कदम उठाया जाएगा। ज्ञापन में महिला शाखा, युवा शाखा, कोषाध्यक्ष और समाज के प्रमुख पदाधिकारी सम्मिलित रहे।


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