‘दीदी तीन घंटे बैठ सकती हैं, तो मैं कई दिन बैठ सकता हूँ’ सोनहत थाने से गुलाब कमरो की रेणुका सिंह को सीधी ललकार
नई पहल न्यूज नेटवर्क। सोनहत। दशहरा पर्व के बाद छत्तीसगढ़ के भरतपुर-सोनहत की सियासत गरमा गई है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व विधायक रेणुका सिंह और पूर्व विधायक गुलाब कमरो के बीच दशहरे के रावण दहन कार्यक्रम को लेकर तगड़ी खींचतान शुरू हो गई है। रेणुका सिंह के द्वारा नवयुवक दुर्गा समिति पर एफआईआर दर्ज कराने के दबाव के बाद, गुलाब कमरो अपने समर्थकों के साथ सोनहत थाने पहुँचे और इसे धार्मिक आयोजन का राजनीतिकरण करार दिया। कमरो ने रेणुका सिंह पर सत्ता का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए, समिति सदस्यों के साथ ‘कई दिन’ तक डटे रहने की खुली चुनौती दे डाली है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में भाजपा की ‘सत्ता’ और कांग्रेस के ‘संगठन’ के बीच एक बड़े खुले संग्राम का संकेत दे रहा है।

धार्मिक आयोजन को राजनीतिक मंच बनाने का गंभीर आरोप ल
पूर्व विधायक और वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाब कमरो ने नवयुवक दुर्गा पूजा एवं दशहरा समिति, सोनहत के सदस्यों के समर्थन में खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने केंद्रीय राज्य मंत्री और वर्तमान विधायक रेणुका सिंह पर “सत्ता का दम” दिखाने और एक “धार्मिक आयोजन को राजनीतिक मंच” बनाने का गंभीर आरोप लगाया है। यह पूरा विवाद दशहरे के दिन रावण दहन कार्यक्रम के दौरान हुए कथित विलंब और विवाद को लेकर शुरू हुआ है, जिसके बाद रेणुका सिंह ने थाने पहुंचकर समिति सदस्यों पर एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बनाया था।
गुलाब कमरो ने कहा घटनाक्रम को राजनीति से प्रेरित
सोमवार को अपने समर्थकों के साथ सोनहत थाना पहुंचे पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मीडिया से बात करते हुए पूरे घटनाक्रम को राजनीति से प्रेरित बताया।
- विवाद का कारण: कमरो ने बताया कि दुर्गा नवयुवक समिति ने अनुमति के बाद रावण दहन कार्यक्रम किया था, लेकिन किन्हीं कारणों से देरी से विधि किए जाने के बाद रावण जल गया, जिसको लेकर विवाद हुआ है।
- एफआईआर के दबाव पर आपत्ति: उन्होंने रेणुका सिंह का नाम लिए बिना कहा, “दीदी जिस तरह से कल थाने में पहुंची हैं और समिति के ऊपर एफआईआर दर्ज कराने का दबाव बना रही हैं, रात में जैसे ही मुझे जानकारी मिली मैंने एसपी से भी बात की है।”
- थाना प्रभारी को चेतावनी: कमरो ने कहा कि उन्होंने थाना प्रभारी से मिलकर स्पष्ट कहा है कि, “दोनों पक्षों से शिकायत आई है। बिना जांच के कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। अगर कार्रवाई होगी इस भारतीय जनता पार्टी की सरकार में, डराने या धमकाने की कोशिश न करें, क्योंकि हमारे लोग डरने वाले या दबने वाले नहीं हैं।”
- ‘दीदी बैठ सकती हैं तो मैं भी बैठ सकता हूँ’: उन्होंने चुनौती भरे लहजे में कहा, “अगर दीदी तीन घंटे बैठ सकती हैं, तो मैं भी वहां पर कई दिन बैठ सकता हूं अपने साथियों के लिए, वहां के नौजवानों के लिए, वहां के धार्मिक नव दुर्गा समिति के साथियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर उनकी लड़ाई में हमेशा साथ रहूँगा।“
सोशल मीडिया पर दी खुली चुनौती
गुलाब कमरो ने इस मामले को लेकर अपने सोशल मीडिया पोस्ट में भी रेणुका सिंह पर सीधा हमला बोला है:
“धार्मिक आयोजन को भी राजनीतिक मंच बनाने में तुली है दीदी। आप मुझसे ज्यादा अनुभवी हैं दीदी, फिर भी अपने सत्ता का दम दिखाकर नवयुवक दुर्गा पूजा एवं दशहरा समिति सोनहत सदस्यों पर दबावपूर्वक एफआईआर दर्ज करने का दबाव बनाया जा रहा है।“
कमरो ने दोहराया कि वह समिति सदस्यों के साथ खड़े हैं और “ऐतिहासिक दशहरा पर्व मनाना कोई अपराध नहीं है।” उन्होंने अंत में लिखा कि जनता रेणुका सिंह की इस “करनी का जवाब” आने वाले समय में देगी।



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