NMC की चिट्ठी पर घमासान : “यह रोक नहीं, केवल कमियों को दुरुस्त करने की सामान्य प्रक्रिया”— भाजपा प्रवक्ता डॉ. मिश्रा का बड़ा खुलासा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ के पाँच नए मेडिकल कॉलेजों (दंतेवाड़ा, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा और मनेंद्रगढ़) को लेकर प्रदेश की राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुँच गया है। नेशनल मेडिकल कमिशन (NMC) के पत्र को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे ‘अमान्यता और रोक’ के आरोपों को भारतीय जनता पार्टी ने सिरे से खारिज कर दिया है।
इस संवेदनशील और महत्वपूर्ण मुद्दे पर जहाँ प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने कांग्रेस की नीयत पर तीखा हमला बोला है, वहीं भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने एनएमसी की प्रक्रिया की बारीकियों को सामने रखकर विपक्ष के दावों की हवा निकाल दी है।

‘रोक’ के भ्रमजाल पर तीखा और राजनीतिक पलटवार
दूरस्थ और आदिवासी अंचलों के युवाओं को डॉक्टर बनाने और क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने के भाजपा सरकार के संकल्प पर कांग्रेस की ‘राजनीतिक खुशी’ को भाजपा ने आड़े हाथों लिया है। भाजपा का साफ़ कहना है कि एनएमसी द्वारा कमियाँ बताया जाना संस्थान शुरू करने की एक सामान्य प्रशासनिक सीढ़ी है, जिसे कांग्रेस अपनी ‘अधूरी जानकारी’ के कारण रोक मान बैठी है। अभी न तो नीट (NEET) के नतीजे आए हैं और न ही काउंसिलिंग शुरू हुई है, ऐसे में अमान्यता का रोना रोना कांग्रेस की हताशा को दर्शाता है।

“चिट्ठी में रोक नहीं, सुधार की बात है” — डॉ. विजय शंकर मिश्रा
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजय शंकर मिश्रा ने कांग्रेस के गुमराह करने वाले बयानों पर तथ्यात्मक प्रहार करते हुए कहा:
- प्रक्रियाओं का हिस्सा मात्र: एनएमसी का पत्र कोई अंतिम फैसला नहीं है, बल्कि यह प्रक्रियाओं का एक सामान्य हिस्सा है। इसमें केवल कमियां बताई गई हैं और उन्हें दूर करने के लिए कहा गया है।
- दिसंबर की कमियां हो चुकी हैं दूर: एनएमसी ने दिसंबर माह में निरीक्षण के दौरान भवन और उपकरणों को लेकर कुछ कमियां पाई थीं। राज्य शासन को इसका पहले से अनुमान था और इन कमियों को समय रहते पूरी तरह दूर कर लिया गया है।
- कांग्रेस की नकारात्मकता: डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस बात से खुश है कि राज्य में मेडिकल कॉलेज न खुलें, जबकि भाजपा लगातार राज्य के विकास के लिए दिन-रात काम कर रही है।
“अभी मैच खत्म नहीं हुआ है, हम मान्यता लेकर रहेंगे” — स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल
इस पूरे विवाद पर मीडिया के तीखे सवालों का सामना करते हुए छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने न केवल विभाग का मजबूत पक्ष रखा, बल्कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को आइना भी दिखाया:
“दंतेवाड़ा, कवर्धा, कुनकुरी, जांजगीर और मनेंद्रगढ़ जैसी जगहों पर नए मेडिकल कॉलेजों के लिए हम 99% गाइडलाइंस पर खरे उतर चुके हैं। एनएमसी के पत्र के बाद हमारे पास अपील के लिए 15 दिनों का समय है। हम फिर से अपील में जा रहे हैं और इसी शिक्षा सत्र से इन पाँचों कॉलेजों में चिकित्सा की पढ़ाई शुरू होगी, यह हमारा संकल्प है।”
— श्यामबिहारी जायसवाल, स्वास्थ्य मंत्री (छत्तीसगढ़)
मंत्री जायसवाल ने पूर्व स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव पर निशाना साधते हुए कहा कि बाबा साहब दूसरों पर दोष मढ़ने के बजाय अपना कार्यकाल देखें, जो खुद स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए अपने क्षेत्र में अस्पताल पूरा नहीं करवा पाए थे। हमारी सरकार ने आते ही ₹109 करोड़ की राशि स्वीकृत की है।
डबल इंजन सरकार का दावा— इंफ्रास्ट्रक्चर और स्टाफ पूरी तरह तैयार
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश की जनता को आश्वस्त किया कि इन कॉलेजों के लिए 220 बेड के अस्पताल तैयार हैं, प्रोफेसरों की नियुक्ति कर दी गई है और अन्य स्टाफ की भर्ती प्रक्रिया भी तेजी से चालू है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ‘डबल इंजन’ की सरकार प्रदेश की स्वास्थ्य सुविधाओं से कोई समझौता नहीं होने देगी।
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