पामगढ़ में शिक्षा विभाग की बड़ी चूक! बिना परीक्षा पास, देने वाले फेल, पांचवीं-आठवीं रिजल्ट विवाद ने मचाया बवाल
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। पामगढ़। छत्तीसगढ़ के पामगढ़ विकासखंड में शिक्षा विभाग की लापरवाही ने नन्हे छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है।
पांचवीं और आठवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में इतनी भारी गड़बड़ी सामने आई है कि जो बच्चे परीक्षा में बैठे ही नहीं, उन्हें पास कर दिया गया, और परीक्षा देने वाले बच्चों को फेल कर दिया गया।

विधायक शेषराज हरवंश का तीखा हमला
कांग्रेस विधायक शेषराज हरवंश ने इस पूरे मामले को लेकर शिक्षा विभाग पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा: “रिजल्ट में बच्चों के नाम, पिता का नाम और अंक तक गलत हैं। यह शिक्षा विभाग की नहीं, बच्चों के सपनों की हत्या है।”
विधायक ने आरोप लगाया कि पामगढ़ में हुए शाला प्रवेश उत्सव में सिर्फ औपचारिकता निभाई गई। आधी-अधूरी तैयारी के साथ उत्सव मनाकर विभाग ने असल समस्याओं से मुंह मोड़ लिया।

बच्चों का भविष्य अधर में
सैकड़ों बच्चों को अब तक छठवीं और नौवीं कक्षा में प्रवेश नहीं मिल पाया है। फर्जी मार्कशीट मिलने से अभिभावकों में भारी नाराजगी है। विभागीय लापरवाही ने बच्चों को मानसिक तनाव में डाल दिया है।
बीईओ की सफाई, लेकिन समाधान नहीं
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकारते हुए कहा कि – “12 साल बाद केंद्र सरकार के निर्देश पर परीक्षा हुई, तैयारी अधूरी थी। कुछ प्राइवेट स्कूलों की सूची गलत जुड़ गई। त्रुटियों की जानकारी डीईओ को दे दी गई है।”
हालांकि, इससे बच्चों को राहत नहीं मिली है और स्थिति जस की तस बनी हुई है।

अब सवाल यह उठता है:
रिजल्ट की समीक्षा क्यों नहीं की गई?
बिना परीक्षा पास और परीक्षा देने वाले फेल कैसे हुए?
शिक्षा विभाग कब लेगा जिम्मेदारी?
बच्चों की प्रवेश प्रक्रिया और नए सत्र का क्या होगा?
About The Author










































