कचरे की गाड़ी में शव, इलाज में भेदभाव, SECL के खिलाफ उठी जनप्रतिनिधियों की निर्णायक आवाज
नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरबा | बांकीमोंगरा नगर पालिका परिषद में SECL हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी आखिरकार फूट पड़ी। नगर के नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास के नेतृत्व में पार्षदों ने जबरदस्त प्रदर्शन करते हुए ‘बेशर्मी’ का प्रतीक बना गुलदस्ता सौंपा, और प्रबंधन को जमकर आड़े हाथों लिया।
प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि —

प्राइवेट मरीजों के लिए एम्बुलेंस सुविधा शुरू की जाए,
मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज मिले,
दवाइयों की खरीद में चल रही कमीशनखोरी पर रोक लगे,
और कचरा गाड़ी में शव ले जाने जैसी शर्मनाक घटनाओं पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

‘बेशर्म फूल’ के जरिए प्रबंधन की संवेदनहीनता पर तंज
नेता प्रतिपक्ष मधुसूदन दास ने कहा, “SECL में काम करने वाले कर्मचारी की मृत्यु के बाद उसके शव को कचरा गाड़ी में ले जाया गया—ये केवल अव्यवस्था नहीं, संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। यह आम नागरिक और कर्मचारियों दोनों के साथ अन्याय है।” उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासियों को SECL हॉस्पिटल में इलाज तक की अनुमति नहीं दी जाती, जिससे उन्हें आपात स्थिति में निजी अस्पतालों या कोरबा शहर का रुख करना पड़ता है। इससे कई बार जानें भी जा चुकी हैं।
प्रबंधन को सौंपा गया ज्ञापन, मिला आश्वासन
प्रदर्शन के दौरान CMHO SECL को एक ज्ञापन सौंपा गया। वहीं प्रदर्शन स्थल पर मौजूद एक अधिकारी ने आश्वासन दिया कि, “हम इस विषय को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाएंगे और आने वाले समय में और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास करेंगे।

उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अगर मांगे जल्द नहीं मानी गईं, तो आंदोलन और भी उग्र रूप लेगा। उन्होंने कहा कि अब मौन नहीं, प्रतिरोध की भाषा ही समझेंगे जिम्मेदार लोग। यह प्रदर्शन न सिर्फ स्थानीय स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलता है, बल्कि इस बात पर भी सवाल उठाता है कि क्या सार्वजनिक संस्थान केवल नाम के लिए हैं, या वाकई नागरिकों की सेवा में?
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