
नई पहल न्यूज नेटवर्क। बीजापुर। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र बीजापुर से एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। भाकपा (माओवादी) की केंद्रीय कमेटी द्वारा जारी एक प्रेस नोट और 24 पेज की गोंडी-अंग्रेज़ी बुकलेट के जरिए नक्सलियों ने खुद स्वीकार किया है कि पिछले एक वर्ष में उनके 357 सदस्य मारे गए हैं, जिनमें 136 महिलाएं भी शामिल हैं। नक्सल संगठन ने इस स्वीकारोक्ति में यह भी बताया है कि मारे गए सदस्यों में 4 केंद्रीय कमेटी सदस्य, 15 राज्य कमेटी सदस्य, 83 एससी/डीपीसी स्तर के नेता और 138 पार्टी सदस्य भी शामिल हैं। संगठन ने यह दावा किया है कि उन्हें सबसे बड़ा नुकसान दंडकारण्य ज़ोन में हुआ, जहां 281 नक्सली मारे गए। इसके अलावा तेलंगाना में 23, झारखंड में 14, महाराष्ट्र में 8, ओडिशा में 20, और पश्चिमी घाट क्षेत्रों में भी मौतों की पुष्टि की गई है।
“28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह”

नक्सलियों ने अपने मारे गए साथियों की स्मृति में 28 जुलाई से 3 अगस्त 2025 तक “शहीदी स्मारक सप्ताह” मनाने का आह्वान किया है। इस दौरान संगठन अपने समर्थकों से ‘क्रांतिकारी परंपरा’ को जीवित रखने की अपील कर रहा है। बुकलेट में नक्सल संगठन ने केंद्र व राज्य सरकारों पर “जन विरोधी नीति” और “संगठित दमन” का आरोप लगाया है। साथ ही यह दावा भी किया गया कि भाकपा (माओवादी) अब भी “जन आंदोलन” और “गैरिल्या संघर्ष” को जिंदा रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

विश्लेषण : क्या यह आत्मस्वीकृति नक्सल कमजोरी का संकेत है ?
विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहली बार है जब नक्सलियों ने इतने बड़े पैमाने पर अपने नुक़सान को खुले रूप में स्वीकारा है। यह संकेत करता है कि सुरक्षाबलों की कार्रवाई और खुफिया रणनीति नक्सली ढांचे को कमजोर कर रही है। हालांकि, शहीदी सप्ताह के मद्देनज़र बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा सहित समूचे बस्तर क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट पर रखा गया है।
एक नजर में :
पिछले 1 साल में 357 नक्सली मारे जाने की पुष्टि
136 महिला नक्सली, 4 केंद्रीय कमेटी सदस्य, 15 राज्य स्तरीय सदस्य भी शामिल
दंडकारण्य ज़ोन में सर्वाधिक 281 नक्सली मारे गए
28 जुलाई से 3 अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाने का ऐलान
24 पेज की गोंडी व अंग्रेजी बुकलेट के ज़रिए आंतरिक रिपोर्ट जारी


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