
जल संरक्षण की दिशा में प्रतिभागियों को दिलाई गई शपथ
सुकमा। कलेक्टर देवेश कुमार के निर्देशन तथा जिला सीईओ नम्रता जैन के मार्गदर्शन में “मोर गांव मोर पानी“ महाअभियान अंतर्गत 2 जून से 6 जून तक सभी जनपद पंचायतों में क्लस्टर स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल संकट से निपटना और गांव-गांव में वर्षा जल का संचय सुनिश्चित करना है। इसी क्रम में सोमवार को जनपद पंचायत कोंटा के नांगलगुंडा, छिंदगढ़ जनपद के तोंगपाल और सुकमा जनपद के गादीरास क्लस्टर की ग्राम पंचायतों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में संकुल के सरपंच, पंच, सचिव, रोजगार सहायक, ग्राम संगठन के अध्यक्ष, महिला स्व-सहायता समूहों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सहभागी बने। प्रशिक्षण में उपस्थित प्रतिभागियों को जनपद सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी एवं तकनीकी सहायकों द्वारा “मोर गांव मोर पानी“ अभियान के तहत किए जाने वाले विभिन्न कार्यों की जानकारी दी गई।


इसके साथ ही लघु फिल्म और प्रस्तुतिकरण के माध्यम से जल संरक्षण की तकनीकों और कैच द रेन अभियान के तहत वर्षा जल संग्रहण के महत्व को समझाया गया। “रिज टू वैली“ मॉडल के तहत बताया गया कि पहाड़ियों से बहने वाले पानी को गांवों में संरक्षित कर जल संरचनाएं जैसे चेकडैम, परकोलेशन टैंक, स्टॉपडैम आदि बनाकर अधिकतम जल संग्रहण किया जा सकता है। इससे न केवल भूजल स्तर में वृद्धि होगी बल्कि आजीविका संवर्धन में भी सहायता मिलेगी। प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई, जिसमें जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी मानते हुए हर स्तर पर जल बचाने का संकल्प लिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संबंधित क्लस्टरों के सरपंच, पंच, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, ग्राम संगठन अध्यक्ष, महिला समूह की सदस्याएं एवं अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।


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