पूर्व विधायक शकुंतला साहू ने समाज को संदेश दिया कि बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं होता
कसडोल। विधानसभा की पूर्व विधायक और संसदीय सचिव शकुंतला साहू की माता लीला देवी साहू का बुधवार सुबह निधन हो गया। लीला देवी अपने घर की बाड़ी में काम कर रही थीं। इस दौरान वहां लगे उपकरण के खुले तारों के संपर्क में आने से उन्हें करंट लग गया।


घटना के समय लीला देवी अकेली थीं। बेटी शकुंतला जब वहां पहुंचीं तो मां को जमीन पर अचेत देखा। परिवार के लोग तुरंत उन्हें पलारी अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। 65 वर्षीय लीला देवी का अंतिम संस्कार उनके गृह ग्राम रसौटा में किया गया। शकुंतला साहू का कोई भाई नहीं है। ऐसे में उन्होंने बेटे का फर्ज निभाते हुए मां की अर्थी को कंधा दिया। श्मशान घाट में मुखाग्नि भी दी। इस कार्य से उन्होंने समाज को संदेश दिया कि बेटा-बेटी में कोई भेद नहीं होता।
साहू समाज ने पूर्व विधायक के इस कदम की सराहना की। समाज ने अन्य बेटियों को भी इससे प्रेरणा लेने को कहा। अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में ग्रामीण, सामाजिक कार्यकर्ता और कांग्रेस के पदाधिकारी मौजूद रहे।

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