लखनऊ में सजी रिंकू सिंह और प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी, सियासत और क्रिकेट का खूबसूरत संगम
‘द सेंट्रम’ होटल में हुआ भव्य आयोजन, शामिल हुए कई दिग्गज
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। लखनऊ। क्रिकेट और राजनीति के रंग आज एक मंच पर नजर आए जब भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह और समाजवादी पार्टी की नव-निर्वाचित सांसद प्रिया सरोज की रिंग सेरेमनी लखनऊ के प्रतिष्ठित ‘द सेंट्रम’ होटल में धूमधाम से आयोजित की गई। समारोह की शुरुआत एक भव्य एंट्री से हुई, जब रिंकू और प्रिया हाथों में हाथ डालकर स्टेज तक पहुंचे। वहीं स्टेज पर चढ़ते ही प्रिया की आंखें भर आईं। यह पल सभी मेहमानों के लिए बेहद भावुक और खास रहा।


स्टाइल और सादगी का संगम
प्रिया सरोज इस मौके पर गुलाबी रंग के शानदार डिजाइनर लहंगे में बेहद आकर्षक लग रही थीं, वहीं रिंकू सिंह ऑफ-व्हाइट शेरवानी में शाही अंदाज़ में नजर आए। जब दोनों स्टेज पर पहुंचे, तब बैकग्राउंड में शाहरुख खान की फिल्म डंकी का लोकप्रिय गाना “वो माही, वो माही…” बज रहा था, जिसने माहौल को और भी रोमांटिक बना दिया।
पहले हुआ फोटोशूट
सेरेमनी से ठीक पहले होटल के लॉन में दोनों का एक सुंदर फोटोशूट भी कराया गया। इस दौरान दोनों के चेहरों पर खुशी और थोड़ी सी झिझक का खूबसूरत मिश्रण देखा गया। मेहमानों का स्वागत खुद प्रिया के पिता तूफानी सरोज ने गर्मजोशी से किया।
राजनीति और क्रिकेट से जुड़ी हस्तियों की मौजूदगी
समारोह में समाजवादी पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव
सांसद डिंपल यादव
सांसद जया बच्चन
वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव
विधायक शिवपाल यादव
सांसद जियाउर्रहमान बर्क (संभल)
वहीं क्रिकेट जगत से रिंकू के करीबी दोस्त और खिलाड़ी पीयूष चावला और प्रवीण कुमार ने भी समारोह में शिरकत की और जोड़े को बधाइयाँ दीं।
खास थीं दोनों की अंगूठियाँ
रिंकू और प्रिया ने एक-दूसरे के लिए खास तौर पर डिजाइन कराई अंगूठियाँ तैयार करवाई थीं। प्रिया ने कोलकाता से रिंकू के लिए खास डिजाइनर रिंग खरीदी थी। रिंकू ने मुंबई से प्रिया के लिए एक बेहद खास अंगूठी मंगवाई। दोनों अंगूठियों की कुल कीमत लगभग 2.5 लाख रुपए बताई जा रही है।
सुबह से शुरू हो गया था खास दिन
रविवार सुबह होटल में रिंकू अपने परिवार के साथ नाश्ता कर रहे थे, तभी प्रिया वहां पहुंचीं। रिंकू ने उन्हें मुस्कुराते हुए “हैलो” कहा और वेटर से अपने रूम का एक्सेस कार्ड दिलवाया, जिससे प्रिया तैयारियों के लिए उनके कमरे तक जा सकें।
खबर से सबक
जब दिल मिलते हैं तो क्रिकेट और संसद की दूरी भी मिट जाती है।
समर्पण, संस्कार और सादगी से भरे आयोजन आज भी लोगों के दिल जीतते हैं।
प्रेम और परंपरा का संगम जब मंच पर उतरता है, तो वो यादगार बन जाता है।


About The Author










































