मिजोरम राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह और दिल्ली मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कर-कमलों से हुए सम्मानित, जूदेव ने सम्मान को जनजातीय समाज की ‘आस्था का प्रतीक’ बताया

नई पहल न्यूज नेटवर्क। नई दिल्ली/रायपुर। राष्ट्रीय एकता और पूर्वोत्तर भारत की संस्कृति के सबसे बड़े उत्सव 8वें नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट्स’ फेस्टिवल में छत्तीसगढ़ का नाम गर्व से गूंजा। भाजपा छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं घर वापसी प्रमुख श्री प्रबल प्रताप सिंह जूदेव को समाज एवं राष्ट्र निर्माण में उनके उत्कृष्ट योगदान और ‘घर वापसी’ अभियान जैसे कार्यों के लिए “माई होम इंडिया” द्वारा विशेष सम्मान से अलंकृत किया गया। दिल्ली के तालकटोरा इंडोर स्टेडियम में ‘संस्कृति से जलवायु तक: युवा जनादेश’ थीम पर आयोजित इस भव्य और ऐतिहासिक समारोह में मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के कर-कमलों से श्री जूदेव ने यह सम्मान ग्रहण किया।
सम्मान मेरा नहीं, जनजातीय भाइयों-बहनों की आस्था का है
सम्मान प्राप्त करने के बाद मीडिया से बात करते हुए प्रबल प्रताप सिंह जूदेव ने भावुकता से कहा, “यह सम्मान केवल मेरा व्यक्तिगत नहीं, बल्कि उन सभी कार्यकर्ताओं, समाजबंधुओं और जनजातीय भाइयों-बहनों का है जो घर वापसी के इस पावन अभियान में मेरे साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलते हैं।” उन्होंने इस सम्मान को “जनजातीय समाज की अपनी जड़ों की ओर लौटने की आस्था और घर वापसी आंदोलन के प्रति विश्वास का प्रतीक” बताया।
उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्व आज नई ऊर्जा और विकास का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने राष्ट्र, धर्म और समाज की सेवा में और अधिक दृढ़ संकल्प से समर्पित होने की प्रतिबद्धता जताई।
अष्ट लक्ष्मी का जश्न और राष्ट्रीय एकता को बल
NES.t Fest 2025, जिसे “माई होम इंडिया” द्वारा आयोजित किया गया, भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, संगीत और परंपराओं का आठवां महाकुंभ था। पूर्वोत्तर के आठ राज्यों—जिन्हें प्रधानमंत्री मोदी “अष्ट लक्ष्मी” कहते हैं—के छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से भारत की एकता, विविधता और अखंडता की जीवंत झलक प्रस्तुत की। इस भव्य ऐतिहासिक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री सुनील देवधर सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों से गणमान्यजन, केंद्रीय मंत्रीगण, समाजसेवी और शिक्षाविद मौजूद थे।
“माई होम इंडिया” जैसी संस्थाओं ने पूर्वोत्तर के युवाओं के सशक्तिकरण के लिए जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं, उसी कड़ी में यह सम्मान प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के समाज और राष्ट्र निर्माण के प्रयासों को राष्ट्रीय पहचान दिलाता है।



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