
सुब्रत साहू, अमित अग्रवाल और मनोज पिंगुआ के नामो की अटकलों पर विराम
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर। छत्तीसगढ़ की नौकरशाही में सोमवार को बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया। राज्य सरकार ने मुख्य सचिव अमिताभ जैन को सेवा विस्तार देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में केंद्र सरकार की सहमति प्राप्त होने के बाद कैबिनेट बैठक में मुहर लगाई गई, जिसके साथ ही कई वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की दावेदारी पर फिलहाल विराम लग गया।यह निर्णय ऐसे समय आया जब मुख्य सचिव पद की दौड़ में 1992 बैच के सुब्रत साहू, 1993 बैच के केंद्र प्रतिनियुक्त अमित अग्रवाल, और 1994 बैच के वरिष्ठ अधिकारी मनोज पिंगुआ के नामों की चर्चा ज़ोरों पर थी। लेकिन सोमवार दोपहर हुए फैसले ने सभी अनुमानों को पीछे छोड़ते हुए अमिताभ जैन को ही पद पर बनाए रखने का निर्णय लिया, जिसने प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी।

अमिताभ जैन: अनुभव, समर्पण और स्थायित्व का प्रतीक
1 जून 1990 को जबलपुर में सहायक कलेक्टर के रूप में प्रशासनिक जीवन की शुरुआत करने वाले अमिताभ जैन, तीन दशकों से अधिक समय से प्रशासनिक सेवा में अपनी दक्षता का लोहा मनवा चुके हैं। मध्यप्रदेश से लेकर छत्तीसगढ़ तक, उन्होंने जमीनी प्रशासन से लेकर विदेश नीति निर्माण तक का सफर तय किया है।
प्रमुख प्रशासनिक पड़ाव :
पहली पोस्टिंग: जबलपुर (सहायक कलेक्टर) – 1990
एसडीएम नीमच, प्रोजेक्ट अधिकारी सरगुजा, एडिशनल कलेक्टर ग्वालियर
रायगढ़, छतरपुर, होशंगाबाद, राजगढ़, नीमच के कलेक्टर
छत्तीसगढ़ गठन के बाद रायपुर में दो बार कलेक्टर – पहला कार्यकाल: 1 नवंबर 2000 से 15 दिसंबर 2003, दूसरा: मार्च 2004 से
भारत सरकार में अहम भूमिका निभा चुके हैं जैन
अमिताभ जैन 7 वर्षों तक भारत सरकार में प्रतिनियुक्ति पर पदस्थ रहे। इस दौरान उन्होंने:
वाणिज्य मंत्रालय में डायरेक्टर एवं संयुक्त सचिव
विदेश नीति निर्माण में अहम भूमिका
लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग में मिनिस्टर (इकोनॉमिक्स) के रूप में भारत-यूके व्यापार संबंधों को नई दिशा दी
छत्तीसगढ़ में संभाले कई अहम विभाग :
राज्य में कार्यकाल के दौरान अमिताभ जैन ने वित्त, वाणिज्य, उद्योग, जनसंपर्क, लोक निर्माण, आबकारी, वाणिज्यिक कर, गृह, जेल, परिवहन, जल संसाधन, वन, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभागों का नेतृत्व किया।
प्रशासनिक गलियारों में सधा संतुलन और स्थायित्व का संदेश
सेवा विस्तार के इस फैसले को प्रशासनिक स्थिरता और अनुभव को प्राथमिकता देने वाला निर्णय माना जा रहा है। इससे जहां जमीनी विकास योजनाओं को गति मिल सकती है, वहीं प्रशासनिक निरंतरता भी बनी रहेगी। अमिताभ जैन का सेवा विस्तार यह दर्शाता है कि अनुभव और कार्यकुशलता आज भी निर्णयों में सबसे ऊपर हैं। उन्होंने न केवल प्रशासनिक सेवा में नई ऊंचाइयों को छुआ है, बल्कि छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक इतिहास में अपना नाम भी दर्ज करा लिया है।
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