एंबुलेंस वाली दीदी’ की एक और मास्टरस्ट्रोक पहल : उच्च शिक्षा के मंदिर तक सम्मानजनक पहुँच ने पंडरिया की बेटियों को बनाया आत्मनिर्भर

नई पहल न्यूज नेटवर्क। पंडरिया (कवर्धा)। पंडरिया विधानसभा क्षेत्र की बेटियों के लिए विधायक भावना बोहरा का नाम अब केवल एक प्रतिनिधि का नहीं, बल्कि सशक्तीकरण और सुरक्षा का पर्याय बन चुका है। क्षेत्र में अपनी सेवा भावना के कारण ‘बस वाली दीदी’ और ‘एंबुलेंस वाली दीदी’ के नाम से लोकप्रिय भावना बोहरा की पहल पर, महाविद्यालय में अध्ययनरत लगभग 1000 छात्राओं को प्रतिदिन उनके घर से शिक्षण संस्थान तक पहुँचाने के लिए 8 निःशुल्क बस सेवाओं का संचालन किया जा रहा है। यह अनूठी योजना न केवल आवागमन को आसान बना रही है, बल्कि बेटियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक तरीके से शिक्षा के मंदिर तक पहुँचाकर उनके सपनों को उड़ान दे रही है। यह प्रयास अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणामों के साथ चर्चा का विषय बन गया है।
‘संतुष्टि की मुस्कान’ और ज़मीनी हकीकत
इस योजना की सफलता का प्रमाण हाल ही में इंदौरी मंडल में जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान मिला। ग्राम पानेका में जनसंपर्क के दौरान विधायक भावना बोहरा की मुलाकात महाविद्यालय से घर लौट रही छात्राओं के समूह से हुई। छात्राओं ने न केवल इस निःशुल्क बस सेवा के लिए आभार व्यक्त किया, बल्कि अपनी पढ़ाई और भविष्य की योजनाओं पर भी खुलकर चर्चा की।
विधायक भावना बोहरा ने बताया कि बेटियों के चेहरों पर संतुष्टि और आत्मविश्वास की जो मुस्कान दिखी, वह उनके अथक प्रयासों की सबसे बड़ी पूंजी है। उन्होंने कहा, “हमारा लक्ष्य— हमारी बेटियों को सुरक्षित, सुविधाजनक एवं सम्मानजनक तरीके से शिक्षा के मंदिर तक पहुंचना और उन्हें साशक्त बनाना है। हमने जो प्रयास किया है, उसका लाभ एवं सकारात्मक परिणाम जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है। पंडरिया की 1000 बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाना ही हमारा संकल्प है।

स्वास्थ्य से शिक्षा तक, दीदी का डबल इंजन
क्षेत्र में पहले ‘एंबुलेंस वाली दीदी’ के तौर पर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने वाली भावना बोहरा की यह ‘बस वाली दीदी’ की पहल, एक डबल इंजन की तरह स्वास्थ्य और शिक्षा दोनों क्षेत्रों में सशक्तिकरण की लहर ला रही है। यह बस सेवा योजना केवल एक लॉजिस्टिक समाधान नहीं है, बल्कि यह रूढ़िवादी सोच को चुनौती देती है और यह संदेश देती है कि स्थानीय नेतृत्व मजबूत इच्छाशक्ति के साथ महिला सशक्तिकरण के बड़े लक्ष्यों को हासिल कर सकता है।
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