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जन्मदिन विशेष : संघर्ष, सेवा और सादगी के पर्याय : किसान पुत्र श्यामबिहारी जायसवाल

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फट्टे पर वनोपज बेचने से लेकर कैबिनेट मंत्री की कुर्सी तक मनेंद्रगढ़ के ‘दुलरवा बेटा’ का प्रेरक सफ़र

नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/मनेन्द्रगढ़। आज, 01 अक्टूबर, छत्तीसगढ़ की राजनीति में ज़मीन से जुड़े और असाधारण जन-जुड़ाव रखने वाले स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनकी जीवन यात्रा, विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए संघर्ष को सफलता में बदलने की एक जीवंत मिसाल है। एक साधारण परिवार से निकलकर, प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व तक पहुँचना, श्री जायसवाल के दृढ़ संकल्प और अटूट जनसेवा के जुनून का प्रतीक है। मनेंद्रगढ़ विधानसभा क्षेत्र को पहली बार कैबिनेट मंत्री का गौरव दिलाने वाले श्री जायसवाल, सही मायनों में एक सच्चे जननायक हैं।

संघर्ष की गाथा: उद्यमशीलता और नेतृत्व

श्यामबिहारी जायसवाल का शुरुआती जीवन घोर संघर्ष और मेहनत से भरा रहा। एक किसान पुत्र के रूप में, उन्होंने गाँव-गाँव के बाज़ारों में फट्टा लगाकर वनोपज खरीदने और बेचने का काम किया। यह ज़मीनी संघर्ष ही उन्हें आम लोगों की पीड़ा समझने की शक्ति देता है। इसी बीच, उन्होंने उद्यमशीलता का परिचय दिया और बैंक से ₹10 लाख का कर्ज लेकर खड़गवां के रतनपुर में मिनी राइस मिल स्थापित की। राजनीतिक मैदान में, 2018 विधानसभा चुनाव में मिली हार उन्हें रोक नहीं पाई। संगठन ने उनके जुझारूपन को पहचाना और उन्हें भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी। उनकी लगातार सक्रियता और कुशल संगठनात्मक क्षमता ने 2023 के चुनाव में उन्हें भारी जीत दिलाई और वह प्रदेश के कैबिनेट मंत्री बने।

जन-जन के नेता: सादगी ही जिनकी पहचान

​मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद, श्री जायसवाल की सरलता, सहजता और सादगी ही उन्हें ख़ास बनाती है। वह पद की गरिमा के साथ-साथ अपनी ज़मीनी पहचान को बनाए रखते हैं। क्षेत्र में उन्हें प्यार से ‘दुलरवा बेटा’, ‘भाई’ और ‘जनप्रिय नेता’ कहकर पुकारा जाता है। वह केवल एक कुशल वक्ता नहीं हैं, बल्कि ऐसे नेता हैं जो संगठन में सबको साथ लेकर चलने में विश्वास रखते हैं। कैबिनेट मंत्री होने के बाद भी, वह लगातार अपने विधानसभा क्षेत्र मनेंद्रगढ़ के गांवों और शहरों का दौरा करते हैं और क्षेत्रवासियों का हाल जानते हैं।

सेवा की विरासत: परिवार का समर्पण

श्री जायसवाल का जीवन जनसेवा को समर्पित है। उनके इस संकल्प को परिवार से भी संबल मिलता है। जहां वह स्वयं राजनीति के माध्यम से जनसेवा कर रहे हैं, वहीं उनकी डॉक्टर बिटिया, डॉ. कंचन जायसवाल, चिकित्सक के तौर पर लोगों की सेवा में जुटी हैं। उनके दोनों बेटे भी मैनेजमेंट की उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। श्री श्यामबिहारी जायसवाल का यह जन्मदिन, संघर्ष से सफलता तक के उनके प्रेरक सफ़र और जन-जन की सेवा के प्रति उनके अटूट समर्पण को सलाम करता है।

श्यामबिहारी जायसवाल: जीवन परिचय एवं राजनीतिक सफ़रनामा
वनाम श्री श्यामबिहारी जायसवाल पिता का नाम स्व. श्री सुरजुद्दीन जायसवाल जन्म तिथि 01 अक्टूबर, 1976 जन्म स्थान रतनपुर, ज़िला-कोरिया (छ.ग.) शैक्षणिक योग्यता एम.ए. (राजनीति शास्त्र) पत्नी का नाम श्रीमती क्रांति जायसवाल परिवार एक पुत्री (डॉ. कंचन जायसवाल, चिकित्सक) और दो पुत्र (मैनेजमेंट की पढ़ाई कर रहे हैं) अभिरुचि किताबें पढ़ना, समाज सेवा, ग़रीबों की सेवा जनप्रिय नाम दुलरवा बेटा, भाई, किसान पुत्र, जनप्रिय नेता संघर्ष और उद्यमशीलता (Struggle and Entrepreneurship) श्री श्यामबिहारी जायसवाल का जीवन संघर्ष और उद्यमशीलता का एक बेहतरीन उदाहरण है। राजनीति में आने से पहले उनका प्रारंभिक जीवन अत्यंत मेहनती रहा:

  • वनोपज व्यापारी: एक साधारण परिवार से आने के कारण, उन्होंने अपनी जीविका के लिए गाँव-गाँव के बाज़ारों में फट्टा लगाकर वनोपज खरीदने और बेचने का कठिन काम किया। यह ज़मीनी अनुभव उन्हें आम जनता से जोड़े रखता है।
  • मिनी राइस मिल की स्थापना: बाद में, उन्होंने उद्यमशीलता का परिचय देते हुए बैंक से ₹10 लाख का कर्ज लिया और खड़गवां ब्लाक के रतनपुर ग्राम पंचायत में एक मिनी राइस मिल स्थापित की, जिससे उनकी पहचान एक मेहनती कारोबारी के रूप में बनी।

  • राजनीतिक सफ़रनामा
  • ज़मीनी स्तर पर अपनी सक्रियता और संगठन के प्रति समर्पण के कारण जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में महत्वपूर्ण स्थान बनाया। |
    | 2013-18 | विधायक (मनेंद्रगढ़ विधानसभा)। इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने उप-समिति सदस्य, जनकार्य समिति सदस्य और श्रम व वित्त विभाग के सदस्य के रूप में अपनी भूमिका निभाई। |
    | 2018 विधानसभा चुनाव | इस चुनाव में वे मनेंद्रगढ़ विधानसभा से हार गए, लेकिन संगठन में उनकी सक्रियता कम नहीं हुई। |
    | संगठनात्मक ज़िम्मेदारी | विधानसभा चुनाव हारने के बाद, भाजपा संगठन ने उन्हें भाजपा किसान मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बड़ी ज़िम्मेदारी सौंपी। इस पद पर उन्होंने प्रदेशभर में किसानों और पार्टी के बीच सक्रियता बनाए रखी। |
    | 2023 विधानसभा चुनाव | पार्टी ने उनकी सक्रियता को देखते हुए उन पर फिर भरोसा जताया। वे मनेंद्रगढ़ विधानसभा से भारी मतों से विजयी हुए। |
    | वर्तमान (2023 से) | छत्तीसगढ़ सरकार में कैबिनेट मंत्री बने। यह मनेंद्रगढ़ विधानसभा के लिए एक ऐतिहासिक क्षण था, क्योंकि पहली बार कोई नेता इस क्षेत्र से कैबिनेट मंत्री बना। वर्तमान में वह स्वास्थ्य मंत्री के रूप में प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। |

  • जनसेवा और विरासत
  • सादगी: मंत्री जैसे बड़े पद पर होने के बावजूद, उनकी सादगी, सरलता और सहजता ही उनकी सबसे बड़ी पहचान है, जो उन्हें जनप्रिय बनाती है।
  • जन-जुड़ाव: कैबिनेट मंत्री होने के बाद भी, वह अपने विधानसभा क्षेत्र मनेंद्रगढ़ के गांवों और शहरों का लगातार दौरा कर क्षेत्रवासियों का हाल जानते रहते हैं।
  • सेवा की विरासत: श्री जायसवाल जहाँ स्वयं राजनीति के माध्यम से जनसेवा कर रहे हैं, वहीं उनकी पुत्री डॉ. कंचन जायसवाल चिकित्सक के तौर पर जनसेवा की इस विरासत को आगे बढ़ा रही हैं।

समस्त प्रदेश और मनेंद्रगढ़ क्षेत्र की जनता की ओर से स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं और दीर्घायु जीवन की मंगलकामना!

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