
राजनांदगांव में कोरोना से बुजुर्ग महिला की मौत, प्रदेश में साल का पहला मामला, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। राजनांदगांव/रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर दस्तक दी है। राजनांदगांव जिले के 86 वर्षीय बुजुर्ग महिला की कोरोना से मौत हो गई है, जो इस वर्ष राज्य में कोरोना संक्रमण से दर्ज की गई पहली मौत है। रविवार को उनका अंतिम संस्कार कोरोना प्रोटोकॉल के तहत किया गया। बुजुर्ग महिला को पूर्व से बीपी और शुगर जैसी पुरानी बीमारियाँ थीं। तबियत बिगड़ने पर उन्हें रायपुर के एमएमआई अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। स्वास्थ्य विभाग ने उनके परिजनों के सैंपल लेकर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि संक्रमण की स्थिति का आकलन किया जा सके।

स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर
राज्य में कोरोना संक्रमण की इस पहली मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है। विभाग की ओर से लोगों से सावधानी बरतने, मास्क पहनने, हाथ धोने और सामाजिक दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। विभाग का कहना है कि हालांकि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है।
छत्तीसगढ़ में कोरोना की स्थिति (स्वास्थ्य मंत्रालय डैशबोर्ड के अनुसार)
कुल मामलों की संख्या: 105
सक्रिय मरीज: 50
स्वस्थ हो चुके मरीज: 55
इसके अलावा, 19 जून 2024 तक छत्तीसगढ़ में कोरोना वैक्सीन की कुल 4 करोड़ 91 लाख 67 हजार 939 डोज लग चुकी हैं। राज्य में अब भी कई लोगों को बूस्टर डोज या दूसरी डोज लगाई जा रही है।
वैश्विक परिप्रेक्ष्य में नए वैरिएंट की चेतावनी
वर्तमान में भारत सहित वैश्विक स्तर पर JN.1 वैरिएंट तेजी से फैल रहा है, जो ओमिक्रॉन का एक उप-वैरिएंट है। इसके अतिरिक्त, NB.1.8.1 वैरिएंट को विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा ‘वैरिएंट अंडर मॉनिटरिंग (VUM)’ के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, जिसकी मई 2025 तक वैश्विक हिस्सेदारी 10.7% रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में कोविशील्ड और कोवैक्सिन जैसी वैक्सीन नए वैरिएंट्स के खिलाफ कुछ हद तक सुरक्षा प्रदान करती हैं, लेकिन सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।
स्वास्थ्य विभाग की अपील :
भीड़भाड़ वाले स्थानों में मास्क का उपयोग अनिवार्य करें।
सामाजिक दूरी बनाए रखें।
हाथों को नियमित रूप से साबुन से धोएं या सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें।
बुखार, सर्दी-जुकाम, या सांस लेने में तकलीफ हो तो तुरंत जांच करवाएं।
टीकाकरण अधूरा हो तो बूस्टर डोज लगवाएं।

राजनांदगांव में हुई यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि कोरोना पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। प्रशासन को भी अब जिला स्तर पर जांच, निगरानी और जागरूकता अभियान फिर से सक्रिय करने की आवश्यकता है। आम जनता को भी चाहिए कि वह सावधानी और जिम्मेदारी से व्यवहार करे ताकि हम फिर किसी दूसरी लहर का सामना न करें।


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