
नई पहल न्यूज़ नेटवर्क। भानुप्रतापपुर/कांकेर | ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनावपूर्ण हालातों के बीच छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले का एक होनहार युवक मयंक साहू जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।
मयंक, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर ब्लॉक के ग्राम कन्हारगांव का निवासी है, जो करीब 6 माह पूर्व मर्चेंट नेवी कंपनी के माध्यम से ईरान के शिराज शहर में काम करने के लिए गया था।
अब भारत लौटना है मुश्किल… हालात भयावह

ईरान में युद्ध जैसे हालात उत्पन्न हो चुके हैं, जिससे वहां रह रहे विदेशी नागरिकों की सुरक्षा संकट में है। मयंक के परिजन बुरी तरह परेशान हैं। उन्होंने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भावुक अपील की है कि “हमारे बेटे को सुरक्षित भारत वापस लाया जाए।”
पत्र में उल्लेखित प्रमुख बिंदु :
मयंक साहू, पासपोर्ट नंबर Y6510131 एवं सीडीसी नंबर MUM 558015, मर्चेंट नेवी के तहत रैंक Rating Trainee Deck में कार्यरत है। कंपनी की ओर से जारी पत्र के अनुसार, उसे शिराज (ईरान) में जहाज पर नियुक्त किया गया था। कंपनी ने आश्वासन दिया है कि यदि कोई भी आपात स्थिति उत्पन्न होती है, तो सदस्य की वापसी का संपूर्ण खर्च कंपनी वहन करेगी। परिजनों ने अनुविभागीय अधिकारी, भानुप्रतापपुर के माध्यम से भी भारत सरकार तक अपनी बात पहुँचाई है।
परिवार का दर्द :
हम हर रोज खबरों में युद्ध की तस्वीरें देखकर कांप उठते हैं। हम बस चाहते हैं कि हमारा बेटा सही-सलामत घर लौट आए। प्रधानमंत्री जी से निवेदन है कि वह हमारी आवाज सुनें और मयंक को वापस लाएं। भारत सरकार युद्ध क्षेत्र में फंसे मयंक साहू को अन्य भारतीयों की तरह सुरक्षित निकाले और शीघ्र भारत वापस लाए।


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