भरतपुर-सोनहत में दशहरा उत्सव बना सियासी अखाड़ा, विधायक की कमेटी से मारपीट, बलपूर्वक रावण दहन और ₹5.71 लाख के नुकसान पर केस दर्ज पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने दबाव की राजनीति का आरोप लगाते हुए दी आंदोलन की चेतावनी


नई पहल न्यूज नेटवर्क। कोरिया। भरतपुर-सोनहत विधानसभा में एक रावण दहन ने सियासी भूचाल ला दिया है। स्थानीय विधायक और पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री रेणुका सिंह के समर्थन वाली महादेव सेवा समिति की शिकायत पर, उनके धुर विरोधी पूर्व विधायक गुलाब कमरो के कथित समर्थकों पर बलपूर्वक रावण दहन, मारपीट और शांति भंग करने के आरोप में एफआईआर (FIR) दर्ज की गई है। इस कार्रवाई से नाराज गुलाब कमरो ने इसे ‘दबाव की राजनीति’ बताते हुए सोनहत थाने का घेराव किया है और एफआईआर रद्द न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दी है। यह मामला अब एक साधारण कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि क्षेत्र के दो दिग्गज नेताओं के बीच की सीधी जंग में तब्दील हो गया है।
रावण दहन की रात, मारपीट और गाली-गलौज
सोनहत पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, 2 अक्टूबर 2025 को सोनहत स्टेडियम मैदान में महादेव सेवा समिति ने दशहरा उत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें विधायक रेणुका सिंह मुख्य अतिथि थीं और उनके द्वारा ही रावण दहन निर्धारित था।
- शिकायत: समिति के अध्यक्ष नवरत्न पाण्डेय ने आरोप लगाया कि रात लगभग 10 बजे, नवयुवक समिति से जुड़े तरुण साहू, प्रदीप साहू, राधेश्याम साहू समेत अन्य लोग पहुँचे। उन्होंने समिति सदस्यों के साथ गाली-गलौज और मारपीट की।
- बलपूर्वक दहन: आरोपियों ने मुख्य अतिथि का इंतजार किए बिना, बिना सूचना दिए, बलपूर्वक रावण दहन कर दिया और पटाखे जला दिए।
- भारी नुकसान: एफआईआर में बताया गया है कि इस कृत्य से समिति द्वारा निर्मित ₹2 लाख के रावण पुतले और ₹3.71 लाख के पटाखों का नुकसान हुआ, जिससे कुल ₹5.71 लाख का नुकसान हुआ है।
- गंभीर धाराएं: पुलिस ने मामले को प्रथम दृष्टया सही मानते हुए आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296 (सार्वजनिक उपद्रव), 324(5) (जानबूझकर खतरनाक हथियार से चोट पहुँचाना) और 3(5) (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर भी शांति भंग करने की धमकी दी थी।
गुलाब कमरो का सख्त रुख : ये राजनीतिक प्रतिशोध है
एफआईआर दर्ज होते ही पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
- थाने का घेराव: गुलाब कमरो अपने सैंकड़ों समर्थकों के साथ सोनहत थाना पहुँचे और पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
- आरोप: उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यह एफआईआर वर्तमान विधायक रेणुका सिंह के दबाव का नतीजा है, जो अपने विरोधियों को झूठे मामलों में फँसा रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्दोष लोगों पर कार्रवाई करना सत्ता का दुरुपयोग है।
- आर-पार की लड़ाई: कमरो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि यह एफआईआर रद्द नहीं की गई तो वे चुप नहीं बैठेंगे और जनता के साथ मिलकर सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।
फिलहाल, उप-निरीक्षक राजा राम राठिया मामले की जाँच कर रहे हैं। इस हाई-प्रोफाइल एफआईआर ने भरतपुर-सोनहत की राजनीति में गरमाहट ला दी है। अब देखना होगा कि पूर्व विधायक गुलाब कमरो आगे क्या कदम उठाते हैं और इस विवाद का पटाक्षेप कैसे होता है।
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