
एलडब्ल्यूई प्रभावित जिलों की सूची से बाहर, अप्रैल से केंद्रीय मदद बंद
बस्तर। केंद्र सरकार ने बस्तर जिले को नक्सलमुक्त घोषित कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बस्तर को लेफ्ट विंग एक्स्ट्रिमिज्म (LWE) प्रभावित जिलों की सूची से हटा दिया है। अप्रैल 2025 से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से बस्तर को एलडब्ल्यूई के तहत मिलने वाली केंद्रीय सहायता बंद होगी। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि 31 मार्च 2026 तक देश से नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री और गृहमंत्री पूरे देश से नक्सलवाद समाप्त करना चाहते हैं। वर्तमान में सबसे अधिक नक्सली छत्तीसगढ़ में सक्रिय हैं। बस्तर संभाग के सात जिलों में से दो जिले अब नक्सलमुक्त हो चुके हैं। इन जिलों में बस्तर, दंतेवाड़ा, बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, कोंडागांव और कांकेर शामिल हैं। इसी वर्ष छत्तीसगढ़ के तीन अन्य जिलों को भी एलडब्ल्यूई सूची से हटाया गया है। ये जिले हैं राजनांदगांव, कवर्धा और खैरागढ़-छुईखदान-गंडई।


पढ़िए बदलते बस्तर पर क्या कहा, गृहमंत्री अरुण साव ने
केंद्र ने बस्तर जिले को माओवाद सूची से बाहर कर दिया है। इस पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि, राज्य में नक्सल उन्मूलन की दिशा में तेजी से काम हो रहा है। बस्तर जिला नक्सल मुक्त हो गया है, यह बड़ी बात है। मार्च 2026 तक पूरा बस्तर संभाग और देश नक्सल मुक्त होगा। पूरा बस्तर खुशहाली और तरक्की की ओर बढ़ रहा है। वहीं युक्तियुक्तकरण के विरोध पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने कहा कि, राज्य में हमारी शिक्षा का स्तर ऊंचा हो, शिक्षा की गुणवत्ता बढ़े। इसलिए सरकारी ने यह कदम उठाया है। सभी को इसमें सहयोग करना चाहिए।
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