ज्योतिपुर चौक से अजीत जोगी की मूर्ति गायब, नगरपालिका में क्षतिग्रस्त मिली, सिंहदेव ने कार्रवाई की मांग की

गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय अजीत जोगी की मूर्ति को लेकर नया विवाद शुरू हो गया है। ज्योतिपुर चौक पर स्थापित अजीत जोगी की प्रतिमा को रात चोरी-छिपे हटा दिया गया। इससे जोगी कांग्रेस समेत जनता में भारी आक्रोश है। तीन दिन पहले ही ज्योतिपुर तिहारे पर मूर्ति स्थापित की गई थी। अब मूर्ति नगरपालिका परिसर में क्षतिग्रस्त हालत में मिली। प्रतिमा का अनावरण 29 मई को अजीत जोगी की पुण्यतिथि पर होना था जिस पर अब कांग्रेस के बड़े नेताओं के प्रतिक्रिया आने शुरू हो गए पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव ने इस घटना को दुर्भाग्य जनक बताया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा है कि, इस मामले पर राजनीति के लिए कोई गुंजाइश ही नहीं है। जोगी जी हमारे बहुत आदरणीय मुख्यमंत्री भी रहे।छत्तीसगढ़ के एक वरिष्ठतम नेताओं में भी रहे। छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण में भी उनकी भूमिका रही। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि रहे, स्व अजीत जोगी केंद्र में भी रहे, राज्य में भी रहे। स्व अजीत जोगी जी की प्रतिमा के साथ जिन लोगो ने ऐसा व्यवहार किया है उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही होना चाहिए और स्व अजीत जोगी की प्रतिमा स्थापित होनी चाहिए। आज ही प्रतिमा स्थल पर धरने पर बैठे स्व अजीत जोगी के पुत्र अमित जोगी ने कहा है कि, या तो इस स्थल पर मेरे पिता स्व अजीत जोगी की प्रतिमा लगेगी या मेरी अर्थी उठेगी यह फैसला विष्णुदेव साय सरकार को लेना है।

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