एक जननायक का कद राजनीति से ऊंचा : भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष की प्रतिमा पर सरगुजा राज परिवार ने नवाया शीश
नई पहल न्यूज नेटवर्क। अम्बिकापुर। समाज और राष्ट्रहित में किए गए निष्पक्ष कार्य इंसान को मृत्यु के बाद भी जीवित रखते हैं। सरगुजा की माटी के सपूत, भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष स्व. पंडित रविशंकर त्रिपाठी एक ऐसे ही व्यक्तित्व थे, जिनका सम्मान दलगत राजनीति की सीमाओं को लांघकर किया जाता है। 9 अप्रैल को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा उनकी प्रतिमा के अनावरण के बाद, आज एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जो लोकतंत्र की खूबसूरती को बयां करता है।

विचारधारा अलग, पर अटूट रहा सम्मान
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और सरगुजा राज परिवार के मुखिया टी.एस. सिंहदेव स्वयं प्रतिमा स्थल पर पहुँचे और अपने हाथों से माल्यार्पण कर ‘रवि भैया’ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उनके साथ एआईसीसी सदस्य आदितेश्वर शरण सिंहदेव, जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक और कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता मौजूद रहे। भले ही दोनों नेताओं की राजनीतिक विचारधाराएं अलग थीं, लेकिन इस भावुक क्षण में केवल आपसी सम्मान और पुरानी यादें ही दिखाई दीं। इससे पहले प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रतिमा के अनावरण किया था
परिवार और समाज की विरासत
स्व. रविशंकर त्रिपाठी का परिवार आज भी जनसेवा के पथ पर अग्रसर है। उनकी धर्मपत्नी रजनी रविशंकर त्रिपाठी (पूर्व विधायक) और उनके सुपुत्र (पार्षद, नगर निगम अम्बिकापुर) उनकी सेवाभावी विरासत को आगे बढ़ा रहे हैं।
कर्मनिष्ठा की अमर गाथा
यह दृश्य संदेश देता है कि जब कोई व्यक्ति समाज के लिए समर्पित होकर कार्य करता है, तो उसका मान-सम्मान किसी एक पार्टी तक सीमित नहीं रहता। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन रवि भैया जैसे जनसेवकों की कर्मनिष्ठा हमेशा लोगों के दिलों में जीवित रहती है।







