अपनी पूज्य माता की याद में पूर्व डिप्टी सीएम ने निजी खर्च से बनवाया भव्य छठ घाट, अब हज़ारों श्रद्धालु एक साथ कर सकेंगे सूर्य उपासना, आस्था के केंद्र का हुआ लोकार्पण
नई पहल न्यूज नेटवर्क। अंबिकापुर । आस्था और जन-सेवा का अद्भुत संगम दिखाते हुए, छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री और सरगुजा महाराज टी.एस. सिंहदेव (‘टी एस बाबा’) ने शहरवासियों को एक अप्रतिम भेंट दी है। उन्होंने लगभग एक करोड़ रुपये की अपनी निजी लागत से अंबिकापुर में एक भव्य और विशाल ‘छठ घाट’ का निर्माण करवाया है। अपनी पूज्य माता स्वर्गीय देवेंद्र कुमारी सिंहदेव की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए निर्मित यह ‘पैलेस घाट’, अब छठ महापर्व के दौरान हजारों श्रद्धालुओं को सूर्य उपासना का एक सुव्यवस्थित और पवित्र स्थान प्रदान करेगा। निर्माण कार्य पूर्ण होने के बाद टी एस सिंहदेव ने स्वयं घाट का जायजा लिया और इसे विधिवत रूप से जनता को समर्पित कर दिया।

निजी खर्च से जन-सेवा का संकल्प
राजनीति से परे, जन-सेवा के अपने संकल्प को मजबूत करते हुए, टी एस सिंहदेव ने इस महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल के निर्माण के लिए सरकारी कोष पर निर्भर न होते हुए, पूरी राशि अपने व्यक्तिगत खर्च से वहन की है। यह पहल उनके क्षेत्र की जनता के प्रति उनके गहरे लगाव और धार्मिक आस्था के सम्मान को दर्शाती है।
‘पैलेस घाट’ नामकरण और ऐतिहासिक जुड़ाव
यह भव्य छठ घाट अंबिकापुर स्थित महाराजा टी एस सिंहदेव के निवास (पैलेस) के समीप बनाया गया है। इसी जुड़ाव के कारण, इसे ‘पैलेस घाट’ नाम दिया गया है, जो सरगुजा के शाही इतिहास और लोक-आस्था के समन्वय को दर्शाता है। घाट का निर्माण इस तरह किया गया है कि छठ के दौरान यहां एक साथ हजारों की संख्या में श्रद्धालु निर्बाध रूप से सूर्य को अर्घ्य दे सकें, जिससे भीड़ प्रबंधन और सुविधाओं की समस्या दूर होगी।
श्रद्धांजलि स्वरूप मां को समर्पित
टी.एस. सिंहदेव ने इस घाट के निर्माण का उद्देश्य अपनी दिवंगत माता स्वर्गीय देवेंद्र कुमारी सिंहदेव को सच्ची श्रद्धांजलि देना बताया है। माता की स्मृति में बना यह घाट अब आने वाली पीढ़ियों के लिए न केवल एक धार्मिक केंद्र होगा, बल्कि एक ऐसे स्थान के रूप में भी जाना जाएगा जहां व्यक्तिगत समर्पण और लोक-आस्था का सम्मान किया गया है। ‘टी एस बाबा’ द्वारा जनता को समर्पित किया गया यह घाट, अब अंबिकापुर में छठ पर्व के उल्लास को और भी भव्यता प्रदान करेगा।





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