The specified slider id does not exist.

ये बुजुर्ग महिलाएं “दादी अम्मा” नहीं ये है “खिलाड़ी अम्मा”

Share this post:

दादी अम्मा के एथलेटिक्स के वीडियो देखने के लिए इन लिंक पर क्लिक करें

रविकांत सिंह राजपूत। मनेन्द्रगढ़। जिस उम्र में बुजुर्ग महिलाएं आराम तलब होकर घर मे रहती है उस उम्र में छत्तीसगढ़ के मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर जिले की दो दादी अम्मा खिलाड़ी अम्मा बनकर मैदानों में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाकर उम्र से दोगुनी संख्या में मेडल व ट्रॉफी जीत रही है। इन दोनों दादी अम्मा के घर के कमरे में पड़े मेडल और सम्मान पत्र बताते है कि, उम्र के इस पड़ाव में भी ये दादी अम्मा हार न मानकर खिलाड़ी अम्मा बनी हुई है। आज विश्व एथलेटिक्स दिवस पर “नई पहल” में पढ़िए 70 वर्षीय एथलेटिक्स शकुंतला सिंह और 67 वर्षीय एथलेटिक्स कलमा देवी मंगतानी की कहानी

40 साल से डायबिटीज, पैरों में दर्द के कारण कुछ दिन बैसाखी के सहारे चली, उम्र की संख्या से दोगुने मेडल जीते

कमला देवी मंगतानी
उम्र 67 साल

मनेन्द्रगढ़ के बस स्टैंड इलाके के वार्ड क्रमांक 11 में रहने वाली कमला देवी मंगतानी की उम्र 67 साल है। 40 साल से वे डायबिटीज की मरीज है। एक समय ऐसा था जब कमला देवी मंगतानी को चलने के लिए बैसाखी का सहारा लेना पड़ता था, यहां तक कि डॉक्टरों ने उन्हें घुटना बदलने तक कि बात कह दी थी, लेकिन कमला देवी मंगतानी के हौसले के आगे बैसाखी पीछे चली गई और वो रोज मैदान में घण्टो समय बिताने लगी, फिर जिम जॉइन किया। यहां से उनका वेटलिफ्टिंग का जो दौर शुरू हुआ वो अब भी चल रहा है। कमला देवी मंगतानी अब तक 60 से ज्यादा स्पर्धाओं में हिस्सा ले चुकी है। देश ही नहीं विदेश में भी कमला देवी मंगतानी ने भारतबक झंडा बुलंद करते हुए अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। अब तक उन्होंने 120 से ज्यादा मेडल जीते है। हाल दुबई में आयोजित 11वें अंतरराष्ट्रीय खेल समारोह में उन्होंने स्विमिंग, वेटलिफ्टिंग, तवा फेंक और गोला फेंक में भाग लिया. जिनमें तीन गोल्ड और एक सिल्वर मेडल जीता। कमला देवी मंगतानी पिछले 5 सालों से रोजाना जिम में घण्टो पसीना बहाती है। वे कहती है कि सीखने की कोई उम्र नहीं होती। उम्र तो सिर्फ एक संख्या (अंक) है। अगर आपका हौंसला बुलंद हो तो ऊपर वाला (भगवान) भी साथ देता है।

नर्स की नौकरी से लेकर गोल्ड मेडल एथलेटिक्स तक का सफर, नेपाल में बुलंद किया भारत का झंडा

शकुंतला सिंह
उम्र 70 साल

उम्र के उस पढ़ाव में जब लोग रिटायरमेंट लेकर घर में आराम करते हैं, दूसरों पर आश्रित हो जाते हैं वहीं दूसरी ओर मनेन्द्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 15 में रहने वाली 70 वर्षीय महिला रिटायरमेंट लेने के बाद जो कर रही है वह किसी हैरत से कम नही है। इस उम्र में भी रोजाना मैदान में जाकर 2 घंटे की प्रेक्टिस जिसमें 1400 मीटर की दौड़ करने के बाद नियमित अभ्यास करती है। सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाली पेंशन से वे अपना अभ्यास जारी रखे हुये हैं। एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के साऊथ झगराखाण्ड चिकित्सालय में नर्स की नौकरी करने के साथ ही साथ ये बचपन से ही खेलकूद में रूचि होने के कारण इन्हें कई बार एसईसीएल की ओर से क्षेत्रीय, अंर्तक्षेत्रीय, अंर्तराज्यीय स्तर पर अपनी प्रतिभा के प्रदर्शन का अवसर मिला। एक बाद शकुंतला के कदम जब आगे बढ़ चले तब फिर उन्होंने कभी पलटकर पीछे नही देखा। रिटायरमेंट के बाद भी इन्होंने खेल जारी रखा और शॉटपुट, हैमर थ्रो, भाला फेंक, जेवलिन थ्रो जैसे खेलों में कई मेडल जीते। देश के बाहर नेपाल में भी इन्होंने मेडल जीता। शकुंतला का मानना है कि अगर हमें अपनी मंजिल हासिल करनी है तो उसके लिये हमेंं खुद पर अनुशासन करना होगा। खुद के लिये नियम बनाने होंगे। मैंने इस लक्ष्य को हासिल करने के लिये कभी कोई समझौता नही किया। मैने स्वयं की मेहनत पर सबसे ज्यादा भरोसा किया, यही वजह है कि मैंने जितना सोचा उससे कहीं ज्यादा हासिल कर लिया। शकुंतला कहती हैं कि महिलाओं को अपने परिवार का तो ध्यान रखना ही चाहिये लेकिन अगर उनके भीतर कोई विशेष दक्षता है तो उसे निखारने के लिये स्वयं प्रयास करना चाहिये। स्वयं को फिट रखने के लिये नियमित व्यायाम व योग करें। फॉस्ट फूड खाने से बचे। अपने भोजन में हरी सब्जियॉ, सलाद व फलों को जरूर शामिल करें। इसके अलावा शिक्षा पर जरूर ध्यान दें। शकुंतला अपने आप को फिट रखने के लिये रूटीन वर्कऑउट करती हैं।

About The Author

Share this post:

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments

खबरें और भी हैं...

Advertisement Box

RO No. 13820/1

लाइव क्रिकट स्कोर

Gold and Silver price

मौसम अपडेट

राशिफल

© 2026 Nayi Pahal News  – All rights reserved. | News Website Development Services | New Traffic tail