मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर डॉ. खंडेलवाल ने बालोद में व्यवस्थाओं को सराहा, कहा- छत्तीसगढ़ ने पेश की समर्पण की मिसाल
नई पहल न्यूज नेटवर्क। रायपुर/बालोद |जब जज्बा सेवा का हो और अनुशासन रगों में दौड़ता हो, तो नामुमकिन भी मुमकिन हो जाता है। छत्तीसगढ़ ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। आमतौर पर जिस ‘राष्ट्रीय जम्बुरी’ की तैयारियों में दो साल का समय लगता है, उसे छत्तीसगढ़ शासन और स्थानीय प्रशासन ने महज 30 दिनों के भीतर हकीकत में बदल दिया। भारत स्काउट एंड गाइड के मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर डॉ. के.के. खंडेलवाल ने बालोद के ग्राम दुधली में आयोजित इस प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जम्बुरी का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की जमकर तारीफ की है।
“अभूतपूर्व है युवा शक्ति का यह महाकुंभ”
डॉ. खंडेलवाल ने आयोजन स्थल का बारीकी से मुआयना करने के बाद कहा कि यह केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की युवा शक्ति का राष्ट्रीय संगम है। उन्होंने विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर संतोष व्यक्त किया:
- आधुनिक व्यवस्थाएं: एडवेंचर गतिविधियाँ, टॉयलेट और आवास की उच्च स्तरीय सुविधा।
- अनुशासन और सुरक्षा: हर स्तर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम और स्काउटिंग की मर्यादा का पालन।
- बेहतरीन भोजन: प्रतिभागियों के लिए पौष्टिक और व्यवस्थित खान-पान की व्यवस्था।
राज्यपाल रमन डेका ने किया ऐतिहासिक उद्घाटन
इस ऐतिहासिक जम्बूरी का भव्य शुभारंभ छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह की सुंदरता और गरिमा की सराहना करते हुए डॉ. खंडेलवाल ने बताया कि राज्यपाल महोदय ने भी स्काउट-गाइड की सेवा भावना और समर्पण की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है।
“जो कार्य दो वर्षों में पूरा होता है, उसे छत्तीसगढ़ ने एक महीने में कर दिखाया। यह समर्पण और अनुशासन केवल एक सच्चे स्काउट में ही देखने को मिलता है। मैं छत्तीसगढ़ राज्य भारत स्काउट गाइड का हार्दिक अभिनंदन करता हूँ।”
— डॉ. के.के. खंडेलवाल, मुख्य राष्ट्रीय कमिश्नर
देशभर से जुटे हजारों युवा
बालोद के ग्राम दुधली में आयोजित इस आयोजन में देशभर के रोवर-रेंजर्स, ट्रेनर्स और वालंटियर्स हिस्सा ले रहे हैं। यह छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है कि देश की प्रथम रोवर एंड रेंजर जम्बुरी की मेजबानी का अवसर उसे मिला और प्रदेश ने इसे ‘ऐतिहासिक’ बना दिया।
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