चैंबर ऑफ कॉमर्स और ‘कैट’ ने कलेक्टर संतन देवी जांगड़े को सौंपा ज्ञापन, ठेला व्यवसायियों के पुनर्वास, खराब CCTV कैमरों और अतिक्रमण पर दो-टूक बात
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। शहर की लाइफलाइन कही जाने वाली मुख्य सड़कें इन दिनों ट्रैफिक, अतिक्रमण और पार्किंग के त्रिकोण में फंसकर दम तोड़ रही हैं। शहर की इसी लगातार बिगड़ती यातायात व्यवस्था, पार्किंग के गहरे संकट और बाजारों में पसरती अव्यवस्था को लेकर आखिरकार व्यापारी संगठनों का धैर्य जवाब दे गया। शहर के प्रमुख व्यापारी संगठनों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बनाते हुए सीधे प्रशासन का दरवाजा खटखटाया है।
चैंबर ऑफ कॉमर्स और ‘कैट’ (कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स) के बैनर तले व्यापारी प्रतिनिधियों ने जिला कलेक्टर संतन देवी जांगड़े से मुलाकात कर एक विस्तृत और कड़ा शिकायती ज्ञापन सौंपा। इस दौरान व्यापारियों ने प्रशासनिक सुस्ती पर चिंता जताते हुए शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े किए।

दुकानदारों की दो-टूक: “रोजगार न छीने, लेकिन सड़कों पर कब्जा भी मंजूर नहीं”
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा ठेला और फुटपाथ व्यवसायियों का उठा। कैट और चैंबर के पदाधिकारियों ने साफ लफ्जों में कहा कि वे किसी के पेट पर लात मारने के पक्ष में नहीं हैं। व्यापारियों ने मांग की:
- व्यवस्थित वेंडिंग जोन बने: छोटे और फुटपाथ व्यवसायियों के लिए शहर में अलग से स्थान चिन्हित किया जाए।
- सड़कों को मिले मुक्ति: मुख्य सड़कों पर बेतरतीब ठेले लगने से यातायात पूरी तरह चरमरा गया है, जिसे तुरंत खाली कराया जाए।
- स्थायी समाधान: वेंडिंग जोन बनने से छोटे व्यापारियों को भी स्थायी ठिकाना मिलेगा और सड़कों पर जाम से भी मुक्ति मिलेगी।
पार्किंग का ‘शून्य’ सिस्टम: सड़कें बनीं गैराज, दुकानदार परेशान
व्यापारी प्रतिनिधियों ने बाजार क्षेत्र में पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं होने पर तीखा आक्रोश जताया। स्थिति यह है कि शहर में कोई निर्धारित पार्किंग स्थल ही नहीं है।
”पार्किंग न होने से ग्राहक और आम जनता गाड़ियां सड़क किनारे ही छोड़ देते हैं। इससे पल-पल में जाम की स्थिति बनती है। प्रशासन को तुरंत मुख्य बाजार और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पार्किंग स्पेस तय करना चाहिए। साथ ही, जो दुकानदार अपनी सीमा से बाहर पैर पसार रहे हैं, उन पर भी सख्त कार्रवाई हो।” – व्यापारी प्रतिनिधि
सुरक्षा भगवान भरोसे! ‘तीसरी आंख’ महीनों से बंद
ट्रैफिक के साथ-साथ शहर की सुरक्षा को लेकर भी बैठक में बड़ा खुलासा हुआ। ‘कैट’ के जिलाध्यक्ष रघुनाथ पोद्दार ने सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोलते हुए कहा:
”मनेन्द्रगढ़ शहर में सुरक्षा के दावे खोखले हैं। बाजार क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, चोरी और असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए लगाए गए अधिकांश CCTV कैमरे लंबे समय से खराब पड़े हैं। प्रशासन गहरी नींद में है। हमारी मांग है कि इन कैमरों को तत्काल दुरुस्त किया जाए ताकि व्यापारी और जनता खुद को सुरक्षित महसूस कर सकें।”
कलेक्टर का आश्वासन: “सबके सहयोग से सुधरेगा मनेन्द्रगढ़”
व्यापारियों की इन गंभीर शिकायतों को कलेक्टर संतन देवी जांगड़े ने बेहद ध्यान से सुना। उन्होंने व्यापारियों को आश्वस्त करते हुए कहा कि ट्रैफिक, पार्किंग और सुरक्षा सीधे तौर पर आम जनता के हितों से जुड़े मुद्दे हैं और प्रशासन इस पर गंभीर है। उन्होंने जल्द ही ठोस कदम उठाने का भरोसा दिया। हालांकि, कलेक्टर ने यह भी साफ किया कि अकेले प्रशासन कुछ नहीं कर सकता; शहर को सुंदर और व्यवस्थित बनाने के लिए व्यापारियों, आम नागरिकों और प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत है।
बैठक में यह रहे मुख्य रूप से मौजूद
प्रशासन के साथ हुई इस बेहद अहम बैठक में कैट के जिला प्रभारी रफीक मेमन, पुष्कर, रंजीत चोपड़ा, गंभीर सिंह खनूजा, संदीप दुआ और रिंकेश खन्ना सहित भारी संख्या में गणमान्य व्यापारी उपस्थित रहे।
अब देखना यह होगा कि कलेक्टर के इस आश्वासन के बाद मनेन्द्रगढ़ की सड़कों को जाम से कब तक मुक्ति मिलती है या फिर यह आश्वासन महज कागजी साबित होता है।
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