स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल लाई रंग, अंबिकापुर के अनुभवी डॉक्टरों ने संभाली नवीन कॉलेज की जिम्मेदारी, स्वास्थ्य सेवाओं में आएगा बड़ा बदलाव
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के लिए स्वास्थ्य सेवाओं का नया सवेरा हो चुका है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के ड्रीम प्रोजेक्ट ‘नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, मनेन्द्रगढ़’ को अब अपना प्रशासनिक नेतृत्व मिल गया है। शासन ने कॉलेज के व्यवस्थित संचालन के लिए अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है, जिन्होंने आज विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया है। इस दौरान सीएमएचओ डॉक्टर अविनाश खरे मौजूद थे
वरिष्ठ कंधों पर कॉलेज की नींव
राज्य शासन के चिकित्सा शिक्षा विभाग ने नवीन मेडिकल कॉलेज की कमान अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के दो दिग्गज डॉक्टरों को सौंपी है:
- डॉ. रंजना सिंह आर्या (अधिष्ठाता): वर्तमान में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में संचालक सह प्राध्यापक डॉ. रंजना को मनेन्द्रगढ़ मेडिकल कॉलेज के डीन (अधिष्ठाता) का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। उनके पास चिकित्सा शिक्षा का लंबा प्रशासनिक अनुभव है।
- डॉ. अरूणेश सिंह (अस्पताल अधीक्षक): अस्थिरोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. अरूणेश को अस्पताल अधीक्षक की जिम्मेदारी दी गई है। उनके अनुभव से मनेन्द्रगढ़ के संबद्ध अस्पताल में रोगी सुविधाओं और प्रबंधन में बड़े सुधार की उम्मीद है।
इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा बाहर, क्षेत्र को मिलेगी नई पहचान
मेडिकल कॉलेज की स्थापना और अब वहां प्रशासनिक नियुक्तियों से मनेन्द्रगढ़ अंचल में हर्ष का माहौल है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को विश्वस्तरीय बनाएगी, बल्कि:
- पलायन पर लगेगी रोक: अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए मरीजों को बिलासपुर, रायपुर या नागपुर की ओर नहीं भागना पड़ेगा।
- शिक्षा के नए अवसर: क्षेत्र के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के द्वार खुलेंगे।
- आर्थिक विकास: मेडिकल कॉलेज आने से क्षेत्र में रोजगार और व्यापार के नए अवसर पैदा होंगे।
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