एम.सी.बी. जिले में अपराध के खिलाफ ‘स्ट्राइक रेट’ बेहतर, जनकपुर लूट कांड के खुलासे ने बढ़ाया भरोसा
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर। जिले में सुरक्षा और शांति व्यवस्था को लेकर पुलिस ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। जिले की पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के कुशल मार्गदर्शन और रणनीतिक कार्यप्रणाली का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ताजा जारी आंकड़ों के मुताबिक, साल 2024 के मुकाबले 2025 में कुल अपराधों में 7 प्रतिशत की कमी आई है, जबकि हत्या, डकैती और बलवा जैसे गंभीर अपराधों में 9.5 प्रतिशत की शानदार गिरावट दर्ज की गई है।
आंकड़ों की जुबानी: सुरक्षित होता जिला
दस्तावेज बताते हैं कि साल 2023 में जहाँ अपराधों का कुल आंकड़ा 2251 था, वहीं 2025 में यह घटकर 1525 रह गया है। यह गिरावट पुलिस की सक्रियता और प्रभावी बीट सिस्टम का परिणाम मानी जा रही है।

गंभीर अपराधों में तुलनात्मक कमी:
- हत्या: 2024 में 21 मामलों के मुकाबले 2025 में सिर्फ 14 मामले।
- हत्या का प्रयास: 15 से घटकर सीधे 5 पर आ गया।
- सड़क दुर्घटनाएं: मृत्यु दर में कमी आई है (106 से घटकर 87)।
साइबर ठगी पर लगाम और जागरूकता का असर
जहाँ एक ओर साइबर ठगी के बढ़ते मामलों ने चुनौती खड़ी की है, इस पर पुलिस का कहना है कि, बढ़ते साइबर अपराध से सेल्फ अवेयरनेस से कमी आ सकती है। पुलिस द्वारा जागरूक किया जा रहा है। वहीं जिला पुलिस ने बचाव के मोर्चे पर भी बड़ी सफलता पाई है। साल 2025 में पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए 21 प्रार्थियों की 73,100 रुपये की राशि को होल्ड कराया है। एसपी रत्ना सिंह के निर्देश पर चलाए गए 547 यातायात जागरूकता कार्यक्रमों में 66 हजार से अधिक नागरिकों ने हिस्सा लिया, जिससे सड़क हादसों में भी कमी आई है।
नाबालिग अपराध से मुक्ति सामाजिक जिम्मेदारी से आयेगी
जिले में बढ़ते नाबालिग अपराध के मामले में पुलिस का कहना है की, सामाजिक जागरूकता से बढ़ते नाबालिग अपराध से मुक्ति पाई जा सकती है। इसके लिए अभिभावकों को भी जागरूक होना पड़ेगा। अपने बच्चो को अपराध से जुड़ी गतिविधियों से हमेशा दूर रखे। बच्चों का फोकस पढ़ाई लिखाई पर करे
जनकपुर लूट कांड का सफल खुलासा
पुलिस की कार्यकुशलता का बड़ा उदाहरण जनकपुर में सर्राफा व्यापारी अनिल सोनी के साथ हुई लूट का मामला रहा। 5 जून 2025 को हुई इस बड़ी वारदात को सुलझाते हुए पुलिस ने 5 दिसंबर 2025 को न केवल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया, बल्कि लूटे गए जेवर और वारदात में प्रयुक्त देशी पिस्टल व कारतूस भी बरामद किए।
हमारा लक्ष्य केवल अपराध कम करना ही नहीं, बल्कि आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा करना है। सामुदायिक पुलिसिंग और तकनीक के बेहतर तालमेल से हम एम.सी.बी. को एक आदर्श जिला बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।
— रत्ना सिंह, पुलिस अधीक्षक, एम.सी.बी.
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