SDM दफ्तर पहुंची कांग्रेस की फौज, 4 लोगों ने दे दिए सैकड़ों नाम विलोपन के आवेदन, निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। लोकतंत्र के सबसे बड़े अधिकार ‘मताधिकार’ को लेकर मनेंद्रगढ़ में सियासी पारा चढ़ गया है। नगर पालिका के विभिन्न वार्डों में मतदाता सूची से सैकड़ों नाम विलोपन (काटने) के लिए दिए गए संदेहास्पद आवेदनों ने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला एक गहरा षड्यंत्र करार देते हुए आज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया।
मामला क्या है ? 4 लोग और सैकड़ों नाम !
पूरा विवाद नगर पालिका मनेंद्रगढ़ के वार्ड क्रमांक 04, 05 और 06 समेत अन्य वार्डों से जुड़ा है। कांग्रेस का आरोप है कि नियमों को ताक पर रखकर केवल चार व्यक्तियों ने सैकड़ों मतदाताओं के नाम काटने हेतु आवेदन प्रस्तुत किए हैं। निर्वाचन नियमों के अनुसार, सामूहिक रूप से इस तरह के आवेदन देना न केवल संदेहास्पद है, बल्कि प्रक्रिया का उल्लंघन भी है।
SDM को सौंपा ज्ञापन : बर्दाश्त नहीं करेंगे छेड़छाड़
जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को ज्ञापन सौंपकर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की।
- अशोक श्रीवास्तव (जिलाध्यक्ष): “यह सीधे तौर पर मताधिकार पर हमला है। कुछ लोग चुन-चुनकर मतदाताओं के नाम कटवाने की कोशिश कर रहे हैं।”
- प्रभा पटेल (पूर्व नपा अध्यक्ष): “समय रहते जांच न हुई, तो आम जनता का लोकतंत्र से भरोसा उठ जाएगा।”
- सौरभ मिश्रा (ब्लाक अध्यक्ष): “एक व्यक्ति सीमित आपत्ति ही दर्ज कर सकता है, लेकिन यहाँ नियम विरुद्ध तरीके से थोक में आवेदन दिए गए हैं।”
षड्यंत्र के खिलाफ कांग्रेस एकजुट
कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने इस मामले में प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी है। पूर्व उपाध्यक्ष राजकुमार केसरवानी और कृष्ण मुरारी तिवारी ने मांग की कि नियम विरुद्ध आवेदनों को तत्काल निरस्त किया जाए। वहीं, नेता प्रतिपक्ष अनिल प्रजापति ने प्रशासन से निष्पक्षता की अपील की।



ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष रामनरेश पटेल और युवा कांग्रेस अध्यक्ष हाफिज मेमन ने साफ किया कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों के मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।
प्रदर्शन में दिग्गजों की मौजूदगी
इस दौरान पार्षदों और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ा, जिसमें स्वप्निल सिन्हा, अजय जायसवाल, इमरान खान, किरण कुजूर, भावेश जैन, अरुण कटारे, रफीक मेमन और अन्य पदाधिकारी शामिल थे। कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है— “वोट की चोरी नहीं चलेगी।”




