‘सम्मान समारोह’ में झलकी आत्मीयता; समाजसेवा के क्षेत्र में मिसाल पेश करने वाली महिला नेतृत्व का हुआ भव्य अभिनंदन
नई पहल न्यूज नेटवर्क। मनेंद्रगढ़। जब सेवा का जज्बा नेतृत्व की कुशलता से मिलता है, तो समाज में सकारात्मक बदलाव की नींव पड़ती है। इसी भावना को चरितार्थ करते हुए लायंस क्लब प्राइड मनेंद्रगढ़ द्वारा एक गरिमामय ‘पूर्व अध्यक्ष सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। वर्तमान अध्यक्ष लायन पूनम सिंह की अनूठी पहल पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन विभूतियों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने कार्यकाल में क्लब को न केवल नई ऊंचाइयों पर पहुँचाया, बल्कि समाजसेवा के क्षेत्र में भी अमिट छाप छोड़ी।

इन सेवाभावी नेतृत्वकर्ताओं का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान अध्यक्ष पूनम सिंह ने पूर्व अध्यक्षों की नेतृत्व क्षमता और क्लब के प्रति उनके समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किए। सम्मानित होने वाली प्रमुख हस्तियों में शामिल रहीं:

- लायन सोनिया कालरा
- लायन संगीता शर्मा
- लायन सोमा आचार्य
- लायन रजनी अग्रवाल
- लायन मंजुलिका करण
- लायन सिम्मी जैन
- लायन वर्षा गोयल
लाइफटाइम अचीवमेंट: अनुभव और समर्पण को सलाम
समारोह का मुख्य आकर्षण ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड’ रहा। समाजसेवा में अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्ष समर्पित करने और क्लब के प्रति अटूट निष्ठा के लिए लायन इंदिरा सेंगर एवं लायन अमिता नियोगी को इस विशिष्ट सम्मान से नवाजा गया। उनकी दीर्घकालीन सेवाओं को क्लब के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया गया।
”क्लब की सफलता की नींव हमारे पूर्व अध्यक्षों के परिश्रम और सेवा भाव पर टिकी है। उनका मार्गदर्शन ही हमें भविष्य के सेवा कार्यों के लिए प्रेरित करता है।”
— लायन पूनम सिंह (अध्यक्ष)
कार्यक्रम की खास बातें
- प्रेरक संबोधन: वक्ताओं ने पूर्व अध्यक्षों के कार्यकाल को याद करते हुए बताया कि कैसे उनके नेतृत्व में क्लब ने जनहित के कार्यों को प्राथमिकता दी।
- गरिमामय उपस्थिति: इस अवसर पर लायन गुरमीत अरोरा, सुनीता अग्रवाल, अरुणा अग्रवाल, संगीता सिंह, सुधा सोनी, ममता राणा, प्रियंका अग्रवाल, रूपा पोद्दार सहित अनेक गणमान्य नागरिक और क्लब के सदस्य मौजूद रहे।
- आभार प्रदर्शन: कार्यक्रम के अंत में अध्यक्ष पूनम सिंह ने सभी अतिथियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। संपूर्ण कार्यक्रम आत्मीयता और सम्मान के वातावरण में संपन्न हुआ।
लायंस क्लब प्राइड का यह आयोजन न केवल एक सम्मान समारोह था, बल्कि यह संदेश भी था कि समाज के लिए किया गया निःस्वार्थ कार्य कभी भुलाया नहीं जाता।
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